Friday, October 2, 2020
Home राजनीति मैं तो सबरीमाला जाऊँगी, सुरक्षा दो या न दो: केरल सरकार ने तृप्ति देसाई...

मैं तो सबरीमाला जाऊँगी, सुरक्षा दो या न दो: केरल सरकार ने तृप्ति देसाई से कहा- SC से ऑर्डर ले कर आओ

“सबरीमाला में घुसने का प्रयास करने वाली 10 से 50 वर्ष तक की उम्र की महिलाओं को राज्य सरकार कोई सहायता मुहैया नहीं कराएगी। हमें अभी इस बात पर विचार करना है कि आगे क्या किया जा सकता है....."

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गुरुवार (नवंबर 12, 2019) को सबरीमाला मामले पर स्पष्ट फैसला न आने के दो दिन बाद केरल स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के कपाट आज यानी शनिवार (नवंबर 16, 2019) को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएँगे। मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। हालाँकि, महिलाओं को कोई सुरक्षा नहीं दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद केरल के कानून मंत्री एके बालन ने कहा, “सबरीमाला में घुसने का प्रयास करने वाली 10 से 50 वर्ष तक की उम्र की महिलाओं को राज्य सरकार कोई सहायता मुहैया नहीं कराएगी। हमें अभी इस बात पर विचार करना है कि आगे क्या किया जा सकता है अगर किसी ने मंदिर में घुसने की इच्छा व्यक्त की तो कोर्ट का आदेश बेहद उलझा हुआ है और उस पर अध्य्यन की आवश्यकता है।”

इस बीच महिला अधिकार कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने शुक्रवार (नवंबर 15, 2019) को कहा कि वह 20 नवंबर के बाद सबरीमाला मंदिर जाएँगी। चाहे उन्हें केरल सरकार द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाए या नहीं। उन्होंने कहा, “मैं 20 नवंबर के बाद सबरीमाला जाऊँगी। हम केरल सरकार से सुरक्षा की माँग करेंगे। यह उन पर निर्भर करता है कि वो हमें सुरक्षा देंगे या नहीं। अगर हमें सुरक्षा प्रदान नहीं भी की जाती है, तो भी मैं दर्शन के लिए सबरीमाला मंदिर जाउँगी।”

केरल देवस्वोम बोर्ड के मंत्री के सुरेंद्रन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार मंदिर जाने वाली किसी भी महिला को सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी और जिन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है, उन्हें सर्वोच्च न्यायालय से एक आदेश लेकर आना होगा। के सुरेंद्रन ने तिरुवनंतपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “राज्य सरकार सबरीमाला मंदिर जाने वाली किसी भी महिला को सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी। तृप्ति देसाई जैसी कार्यकर्ताओं को सबरीमाला को अपनी शक्ति प्रदर्शन के स्थान के रूप में नहीं देखना चाहिए। अगर उन्हें पुलिस सुरक्षा की जरूरत है, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट से आदेश लेकर आना होगा।”

गौरतलब है कि गुरुवार को सबरीमाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट से निर्णायक फैसला नहीं आया है। क्योंकि 5 जजों की पीठ में से 3 जज इस मामले को बड़ी पीठ के पास भेजे जाने के पक्ष में रहे जबकि 2 जजों ने इससे संबंधित याचिका पर ही सवाल उठा दिए। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस खानविलकर और जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने के पक्ष में अपना मत सुनाया। जबकि पीठ में मौजूद जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन ने सबरीमाला समीक्षा याचिका पर असंतोष व्यक्त किया। अंततः पीठ ने सबरीमाला मामले में फैसला सुनाने के लिए बड़ी पीठ (7 जजों की बेंच) को प्रेषित कर दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

‘हर कोई डिम्पलधारी को गिरने से रोकता रहा, लेकिन बाबा ने डिसाइड कर लिया था कि घास में तैरना है तो कूद गया’

हा​थरस केस पर पॉलिटिक्स करने गए राहुल गाँधी का एक वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर पर 'एक्ट लाइक पप्पू' ट्रेंड करने लगा।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

‘द वायर’ की परमादरणीया पत्रकार रोहिणी सिंह ने बताया कि रेप पर वैचारिक दोगलापन कैसे दिखाया जाता है

हाथरस में आरोपित की जाति पर जोर देने वाली रोहिणी सिंह जैसी लिबरल, बलरामपुर में दलित से रेप पर चुप हो जाती हैं? क्या जाति की तरह मजहब अहम पहलू नहीं होता?

रात 3 बजे रिया को घर छोड़ने गए थे सुशांत, सुबह फँदे से लटके मिले: डेथ मिस्ट्री में एक और चौंकाने वाला दावा

रिया चकवर्ती का दावा रहा है कि 8 जून के बाद उनका सुशांत से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। लेकिन, अब 13 जून की रात दोनों को साथ देखे जाने की बात कही जा रही है।

प्रचलित ख़बरें

ईशनिंदा में अखिलेश पांडे को 15 साल की सजा, कुरान की ‘झूठी कसम’ खाकर 2 भारतीय मजदूरों ने फँसाया

UAE के कानून के हिसाब से अगर 3 या 3 से अधिक लोग कुरान की कसम खाकर गवाही देते हैं तो आरोप सिद्ध माना जा सकता है। इसी आधार पर...

रात 3 बजे रिया को घर छोड़ने गए थे सुशांत, सुबह फँदे से लटके मिले: डेथ मिस्ट्री में एक और चौंकाने वाला दावा

रिया चकवर्ती का दावा रहा है कि 8 जून के बाद उनका सुशांत से कोई कॉन्टेक्ट नहीं था। लेकिन, अब 13 जून की रात दोनों को साथ देखे जाने की बात कही जा रही है।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘हिन्दू राष्ट्र में आपका स्वागत है, बाबरी मस्जिद खुद ही गिर गया था’: कोर्ट के फैसले के बाद लिबरलों का जलना जारी

अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद यहाँ हम आपके समक्ष लिबरल गैंग के क्रंदन भरे शब्द पेश कर रहे हैं, आनंद लीजिए।

शाम तक कोई पोस्ट न आए तो समझना गेम ओवर: सुशांत सिंह पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने ‘उठाया’

"साहिल चौधरी को कहीं और ले जाया गया। वह बांद्रा के कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पिता के साथ थे। अभी उनकी लोकेशन किसी परिजन को नहीं मालूम। मदद कीजिए।"

लड़कियों को भी चाहिए सेक्स, फिर ‘काटजू’ की जगह हर बार ‘कमला’ का ही क्यों होता है रेप?

बलात्कार आरोपित कटघरे में खड़ा और लोग तरस खा रहे... सबके मन में बस यही चल रहा है कि काश इसके पास नौकरी होती तो यह आराम से सेक्स कर पाता!

प्राइम टाइम में अर्नब का डंका, 77% दर्शक देखते हैं रिपब्लिक; राजदीप और NDTV के शो दर्शकों के लिए तरसे

न्यूज चैनलों के बीच रिपब्लिक की न केवल बादशाहत बनी हुई, बल्कि प्राइम टाइम के स्लॉट में कोई भी एंकर अर्नब के आसपास नजर नहीं आ रहा।

लॉकडाउन, मास्क, एंटीजन टेस्ट… कोरोना को रोकने के लिए भारत ने समय पर लिए फैसले, दुनिया ने किया अनुकरण

ORF के ओसी कुरियन ने बताया है कि किस तरह भारत ने कोरोना का प्रसार रोकने के लिए फैसले समय पर लिए।

UP: भदोही में 14 साल की दलित बच्ची की सिर कुचलकर हत्या, बिना कपड़ों के शव खेत में मिला

भदोही में दलित नाबालिग की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। शव खेत से बरामद किया गया। परिजनों ने बलात्कार की आशंका जताई है।

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

1000 साल लगे, बाबरी मस्जिद वहीं बनेगी: SDPI नेता तस्लीम रहमानी ने कहा- अयोध्या पर गलत था SC का फैसला

SDPI के सचिव तस्लीम रहमानी ने अयोध्या में फिर से बाबरी मस्जिद बनाने की धमकी दी है। उसने कहा कि बाबरी मस्जिद फिर से बनाई जाएगी, भले ही 1000 साल लगें।

मिलिए, छत्तीसगढ़ के 12वीं पास ‘डॉक्टर’ निहार मलिक से; दवाखाना की आड़ में नर्सिंग होम चला करता था इलाज

मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर का है। दवा दुकान के पीछे चार बेड का नर्सिंग होम और मरीज देख स्वास्थ्य विभाग की टीम अवाक रह गई।

‘हर कोई डिम्पलधारी को गिरने से रोकता रहा, लेकिन बाबा ने डिसाइड कर लिया था कि घास में तैरना है तो कूद गया’

हा​थरस केस पर पॉलिटिक्स करने गए राहुल गाँधी का एक वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर पर 'एक्ट लाइक पप्पू' ट्रेंड करने लगा।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

फोरेंसिक रिपोर्ट से रेप की पुष्टि नहीं, जान-बूझकर जातीय हिंसा भड़काने की कोशिश हुई: हाथरस मामले में ADG

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि हाथरस केस में फोरेंसिक रिपोर्ट आ गई है। इससे यौन शोषण की पुष्टि नहीं होती है।

हमसे जुड़ें

267,758FansLike
78,077FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe