Homeराजनीतिज्योतिरादित्य सिंधिया ने चम्बल परियोजना पर कमलनाथ को पत्र लिखकर जताई आपत्ति

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चम्बल परियोजना पर कमलनाथ को पत्र लिखकर जताई आपत्ति

"आपसे मेरा आग्रह है कि सम्बंधित विभाग को निर्देशित करके भिंड जिले को इस परियोजना में शामिल किया जाए, मुझे आशा है कि इस विषय पर आप गंभीरता से विचार करेंगे।"

कॉन्ग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी के नेता और वर्तमान में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को चिट्ठी लिखकर आपत्ति जताई है। चम्बल एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर लिखे अपने पत्र को कॉन्ग्रेस नेता सिंधिया ने ट्विटर पर भी पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि मध्यप्रदेश की चम्बल योजना में से भिंड जिले को जगह नहीं दी गई। इस सम्बन्ध में उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

अपने इस पत्र की एक कॉपी सिंधिया ने ट्विटर पर भी पोस्ट की। उन्होंने इसमें लिखा कि चंबल एक्सप्रेसवे को चम्बल नदी के समानांतर बनाने की योजना थी, जोकि मील का पत्थर साबित होगी मगर इसमें भिंड को शामिल ही नहीं किया गया है। भिंड जिला चम्बल नदी के समानांतर स्थित है। इस परियोजना में भिंड को शामिल किए जाने को लेकर अपने पत्र में उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि यहाँ भी विकास की अपार संभावनाएँ हैं। इससे भिंड भी विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश की चम्बल एक्सप्रेसवे करीब 200 किलोमीटर लम्बी और 10 मीटर चौड़ी होगी। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण अब मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम चम्बल क्षेत्र के गडौरा गाँव से शुरू कराएगा। इसके साथ ही राजस्थान का हैवी ट्रैफिक सबलगढ़, कैलारस होते हुए मध्य प्रदेश के मुरैना पहुँचेगा।

मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार सिंधिया ने अपने पत्र में यह भी कहा कि अगर भिंड जिले को इस परियोजना में शामिल नहीं किया गया तो एक्सप्रेसवे बनाने की मूल-मंशा ही असफल रह जाएगी। सिंधिया का तात्पर्य था कि इस परियोजना के ज़रिए भिंड को भी मुख्यधारा के विकास जोड़ा जाना चाहिए। बता दें कि इस परियोजना से मध्यप्रदेश को काफी लाभ मिल सकता है। इसके ज़रिए राज्य के पर्यटन को भी अच्छा-खासा बढ़ावा मिलेगा। सिंधिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को लिखे अपने पत्र में यह भी लिखा, “आपसे मेरा आग्रह है कि सम्बंधित विभाग को निर्देशित करके भिंड जिले को इस परियोजना में शामिल किया जाए, मुझे आशा है कि इस विषय पर आप गंभीरता से विचार करेंगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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