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राजीव गाँधी को ‘आधुनिक भारत के पिता’ के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करेंगी राजस्थान और MP की सरकारें

राजीव गाँधी के बारे में क्या पढ़ाया जाना है, इस बारे में भी सरकार तय करेगी। सरकार इसके लिए कुछ लोगों को चुनेगी, जो राजीव गाँधी पर आलेख लिखेंगे। इन्हें पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। भारत के इतिहास के अंतर्गत राजीव गाँधी को 'आधुनिक भारत के पिता' के रूप में पढ़ाया जाएगा।

मध्य प्रदेश और राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकारों ने राजीव गाँधी की जयंती से पहले कई ऐसे निर्णय लिए जो बहस का मुद्दा नहीं बने। अगर भाजपा ने किसी स्वतंत्रता सेनानी या किसी महापुरुष को लेकर ऐसा निर्णय लिया होता तो कई लोग बवाल खड़ा करते हुए कहते कि सरकार पाठ्यक्रम से छेड़छाड़ कर रही है या उसका भगवाकरण कर रही है। सबसे पहले बात मध्य प्रदेश की। मध्य प्रदेश की सरकार ने कॉलेजों में राजीव गाँधी के ‘जीवन, विचारधारा और नीतियों’ को पढ़ाने का निर्णय लिया था।

इसके लिए कॉलेजों में ख़ास सेशन आयोजित किए गए। ऐसे सेशन साल भर आयोजित किए जाते रहेंगे। स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को लेकर हंगामा मचाने वाले लोगो ने इसपर चूँ तक नहीं किया। मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों को राजीव गाँधी के बारे में ग़लत जानकारियाँ दी गई हैं? यहाँ सवाल उठता है कि ये गलत जानकारियाँ किसने दी? और कॉन्ग्रेस के पास इस बात के क्या सबूत हैं कि ये जानकारियाँ गलत हैं? क्या राज्य सरकारों का काम यही है कि राजीव गाँधी की पॉजिटिव इमेज तैयार की जाए।

सोचिए अगर भाजपा ने वीर सावरकर के बारे में पढ़ाने के लिए कॉलेजों में ख़ास सेशन का इंतजाम किया होता तो क्या-क्या आरोप लगते? और सावरकर की नेगेटिव इमेज बनाने में तो कॉन्ग्रेस का योगदान भी है क्योंकि नेहरू काल में उन पर मुक़दमे भी चले। हालाँकि, वे बाइज्जत बरी हुए। भाजपा ने कहा है कि कॉन्ग्रेस छात्रों को राजीव गाँधी के बारे में पढ़ाए लेकिन सिर्फ़ उन्हीं के बारे में क्यों? भाजपा का सवाल यह है कि बाकी महापुरुषों के बारे में क्यों नहीं पढ़ाया जाना चाहिए?

क्या कॉन्ग्रेस छात्रों को केवल राजीव गाँधी के बारे में पढ़ा कर पार्टी एक परिवार विशेष के लोगों को हाईलाइट नहीं कर रही? राजनीति तक तो ठीक है लेकिन अब शिक्षा व्यवस्था को भी इसके चपेट में लेने की कोशिश हो रही है। इसी तरह राजस्थान सरकार ने भी पाठ्यक्रम में राजीव गाँधी की प्रशंसा में लिखे आलेखों को पढ़ाने का निर्णय लिया है। भारत के इतिहास के अंतर्गत राजीव गाँधी को ‘आधुनिक भारत के पिता’ के रूप में पढ़ाया जाएगा।

राजीव गाँधी के बारे में क्या पढ़ाया जाना है, इस बारे में भी सरकार तय करेगी। सरकार इसके लिए कुछ लोगों को चुनेगी, जो राजीव गाँधी पर आलेख लिखेंगे। इन्हें पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। सीधा अर्थ है कि कॉन्ग्रेस सरकार अपने पसंद के इतिहासकारों व अकादमिक विशेषज्ञों को चुनेगी जो कॉन्ग्रेस पार्टी के अजेंडे के तहत राजीव गाँधी पर चैप्टर तैयार करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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