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‘सशस्त्र बलों के बलिदान से शांत और सुरक्षित है जम्मू कश्मीर’: JNU वाली शेहला रशीद ने PM मोदी को दिया श्रेय, बोलीं – मिडिल-ईस्ट को देख लीजिए

"जम्मू कश्मीर में शांति लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, भारतीय सेना और भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स का धन्यवाद।"

जम्मू कश्मीर की एक्टिविस्ट शेहला रशीद ने इजरायल-हमास युद्ध को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी सरकार और भारतीय सेना की तारीफ़ की है। पहले अक्सर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने वाली JNU के छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष रहीं शेहला रशीद लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठन AISA की तरफ से राजनीति करती थीं। हालाँकि, पिछले कुछ दिनों से उन्होंने कश्मीर में समय गुजारा और उसके बाद उनका ‘हृदय परिवर्तन’ भी हुआ है।

शेहला रशीद ने ट्वीट कर कहा, “मध्य-पूर्व में चल रही गतिविधियों को देखें तो आज मुझे इसका एहसास हुआ है कि हम भारतीय कितने भाग्यशाली हैं। भारतीय सेना व सुरक्षा बलों ने हमारी सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया है। जहाँ बनता हो, वहाँ श्रेय दिया जाना चाहिए। जम्मू कश्मीर में शांति लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, भारतीय सेना और भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स का धन्यवाद।”

शेहला रशीद ने स्पष्ट कहा कि बिना सुरक्षा के शांति संभव नहीं है, जैसा कि मिडल-ईस्ट में चल रही लड़ाई ने साबित किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने CRPF और जम्मू कश्मीर पुलिस के बहादुर जवानों के साथ मिल कर जम्मू कश्मीर में लंबे समय तक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए असाधारण बलिदान दिया है। शेहला रशीद ने अपनी इन ट्वीट्स पर रिप्लाइज ऑफ कर रखा है। कई लोगों ने इस दौरान सच बोलने के लिए शेहला रशीद की तारीफ़ भी की।

इससे पहले इसी साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शेहला रशीद ने लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकवादी जावेद के भाई रईस मट्टू द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराए जाने की खबर पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रदेश में हालात सुधरे हैं। कभी शेहला रशीद ने अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था। हालाँकि, अब उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली है। उन्होंने भारतीय सेना पर रात को घर में घुस कर लड़कों को उठाने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन पर मुकदमा चलाने की स्वीकृति भी LG ने दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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