Sunday, April 14, 2024
Homeदेश-समाजमंदिर वहीं बनेगा, ट्रस्ट बना कर निर्माण शुरू करे सरकार: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट...

मंदिर वहीं बनेगा, ट्रस्ट बना कर निर्माण शुरू करे सरकार: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला

ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा की भागीदारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। हालॉंकि जमीन पर उसका दावा पीठ ने खारिज कर दिया। शिया बोर्ड का भी दावा अदालत ने नहीं माना। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जमीन को तीन हिस्सों में बॉंटने के फैसले को भी शीर्ष अदालत की पीठ ने गलत बताया।

आखिरकार वह फैसला आ ही गया जिसका इंतजार हिंदू दशकों से कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपने फैसले में कहा कि विवादित जमीन पर मुस्लिम पक्ष अपना दावा साबित करने में विफल रहे। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने इस जगह पर ट्रस्ट बनाकर मंदिर का निर्माण शुरू करने का आदेश केंद्र सरकार को दिया है।

ट्रस्ट बनाने और मंदिर निर्माण की योजना के लिए तीन महीने का वक्त सरकार को दिया गया है। साथ ही शीर्ष अदालत ने कहीं और मस्जिद बनाने के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का भी निर्देश दिया है। यानी, सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए अलग से ज़मीन दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि बाहरी हिस्से पर हिन्दुओं द्वारा पहले से ही पूजा की जा रही थी, इसमें कोई विवाद नहीं है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम भीतरी हिस्से पर भी अपना दावा साबित करने में विफल रहे। 1857 से पहले यहाँ हिन्दुओं द्वारा पूजा करने के सबूत हैं। मुस्लिम पक्ष को राम मंदिर बनाने के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।

ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा की भागीदारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। हालॉंकि जमीन पर उसका दावा पीठ ने खारिज कर दिया। शिया बोर्ड का भी दावा अदालत ने नहीं माना। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जमीन को तीन हिस्सों में बॉंटने के फैसले को भी शीर्ष अदालत की पीठ ने गलत बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आस्था और विश्वास के आधार पर फ़ैसला नहीं करना चाहिए, बल्कि कानून के हिसाब से निर्णय लेना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड का शूट लिमिटेशन एक्ट के तहत आता है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि ये लिमिटेशन 12 साल का है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि 1857 से पहले हिन्दू यहाँ पूजा करते थे। यानी, अंग्रेजों के आने से पहले ही राम चबूतरा, सीता रसोई और विवादित ज़मीन के बाहरी हिस्से में हिन्दू पूजा किया करते थे। अर्थात, आउटर कोर्टयार्ड हिन्दुओं की पूजा का मुख्य बिंदु था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सारा विवाद अंदर के हिस्से को लेकर है।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि मुस्लिम पक्ष विवादित ज़मीन के भीतरी हिस्से पर अपना दावा साबित करने में विफल रहा है और सारा विवाद भीतरी हिस्से को लेकर ही है। यानी, बाहरी हिस्से पर हिन्दू काफ़ी पहले से पूजा करते आ रहे हैं, इसमें कोई विवाद नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस पीठ में शामिल सभी जजों को संविधान के अनुसार फ़ैसला सुनना है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जनजातीय समाज से राष्ट्रपति, बाबसाहेब के स्थल विकसित होकर बने पंचतीर्थ, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती गौरव दिवस: MP में PM मोदी ने बताया...

"कॉन्ग्रेस ने जनजातीय समाज के योगदान को कभी भी स्वीकार नहीं किया, जबकि भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को 'राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में घोषित करने का सौभाग्य भी भाजपा सरकार को मिला है।"

बिहार के जिस बम ब्लास्ट में हुई 2 बच्चों की मौत, उस केस में मोहम्मद इस्लाइल और नूर मोहम्मद गिरफ्तार: घर से विस्फोटक बनाने...

बिहार के बांका जिले में 13 अप्रैल को इस्माइल अंसारी के मकान में हुए बम विस्फोट में दो छोटे बच्चों की मौत हो गई थी। अब पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपितों को पकड़ा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe