सोनभद्र हत्याकांड के लिए कॉन्ग्रेस-सपा जिम्मेदार, सजा के लिए रहें तैयार: CM योगी

"यह पाप कॉन्ग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं का है और जिन लोगों ने अपराध किया है, उन्हें इसकी सजा के लिए तैयार रहना चाहिए। इस मामले मे कुल 29 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जिसमें एक आरोपी ग्राम प्रधान भी हैं।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (जुलाई 21, 2019) को सोनभद्र गोलीबारी में मारे गए परिवारों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि यह पाप कॉन्ग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं का है और जिन लोगों ने अपराध किया है, उन्हें इसकी सजा के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मामले मे कुल 29 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं जिसमें एक आरोपी ग्राम प्रधान भी हैं।

योगी आदित्यनाथ ने सीधे-सीधे इस घटना के लिए कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस घटना की नींव 1955 में ही पड़ गई थी, जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी। सोनभद्र के विवाद के लिए 1955 और 1989 की कॉन्ग्रेस सरकार दोषी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनभद्र में जो घटना घटी है, उसकी नींव 1955 में रखी गई थी। 1955 में कॉन्ग्रेस की सरकार ने सोनभद्र में पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के नाम पर जनजाति के लोगों की भूमि को एक पब्लिक ट्रस्ट के नाम कर दिया। वर्ष 1989 में उस ट्रस्ट से जुड़े लोगों के नाम पर वह जमीन कर दी गई। वर्ष 2017 में वह जमीन कुछ लोगों को बेची गई। यह कैसे हुआ, इसका परीक्षण भी जाँच कमिटी करेगी। इस गड़बड़ी की जाँच के लिये राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो 10 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।

इसके साथ ही सीएम ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 18-18 लाख और घायलों को ढाई-ढाई लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले सीएम ने मृतक के परिजन को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी।

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पूरा मामला: सोनभद्र: हत्याकांड की बुनियाद आजादी से भी पुरानी, भ्रष्ट अधिकारियों ने रखी नींव

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सबरीमाला मंदिर
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के अवाला जस्टिस खानविलकर और जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने के पक्ष में अपना मत सुनाया। जबकि पीठ में मौजूद जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन ने सबरीमाला समीक्षा याचिका पर असंतोष व्यक्त किया।

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