Saturday, July 31, 2021
HomeराजनीतिSC ने की EVM से VVPAT मिलान की एक और याचिका खारिज, कहा- 'लोकतंत्र...

SC ने की EVM से VVPAT मिलान की एक और याचिका खारिज, कहा- ‘लोकतंत्र को नुकसान पहुँचेगा’

"इस मामले पर पहले ही मुख्य न्यायाधीश की बेंच फैसला दे चुकी है फिर आप इस मामले को वेकेशन बेंच के सामने क्यों उठा रहे हैं?" इस याचिका को बकवास बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यही करते रहे तो इससे लोकतंत्र को नुकसान होगा।

मंगलवार (मई 21, 2019) को सर्वोच्च न्यायालय ने ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों के 100 फीसदी मिलान वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि अगर इस मामले में दखल दिया गया तो यह लोकतंत्र को नुकसान होगा।

इस याचिका को ‘टेक4ऑल’ नाम के टेक्नोक्रैटों के समूह द्वारा दायर किया गया था। उनकी दलील थी कि ईवीएम विश्वस्नीय नहीं हैं, इसकी टैपरिंग की जा सकती है। इसलिए उन्होंने न्यायालय से सभी ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों से मिलान की माँग की थी।

कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा, “इस मामले पर पहले ही मुख्य न्यायाधीश की बेंच फैसला दे चुकी है फिर आप इस मामले को वेकेशन बेंच के सामने क्यों उठा रहे हैं?” इस याचिका को बकवास बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यही करते रहे तो इससे लोकतंत्र को नुकसान होगा।

गौरतलब है इससे पहले ऐसे ही एक मामले पर 7 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान विपक्ष द्वारा दाखिल की गई याचिका कोर्ट ने खारिज की थी।

दरअसल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका में माँग की थी कि 50 फीसदी VVPAT पर्चियों की ईवीएम से मिलान करने का आदेश निर्वाचन आयोग को दिया जाए। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इससे पहले चुनाव आयोग ने विपक्ष की इस माँग पर कहा था कि वीवीपीएटी स्लिप काउंटिंग की वर्तमान पद्धति में कोई बदलाव नहीं होगा, और अगर ऐसा हुआ तो लोकसभा परिणाम 6-9 दिनों के बाद आएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

20 से ज्यादा पत्रकारों को खालिस्तानी संगठन से कॉल, धमकी- 15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के CM को नहीं फहराने देंगे तिरंगा

खालिस्तान समर्थक सिख फॉर जस्टिस ने हिमाचल प्रदेश के 20 से अधिक पत्रकारों को कॉल कर धमकी दी है कि 15 अगस्त को सीएम तिरंगा नहीं फहरा सकेंगे।

‘हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी’: PM मोदी के खिलाफ पोस्टर पर 25 FIR, रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाले पोस्टर चिपकाने को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,101FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe