Thursday, April 25, 2024
Homeराजनीतिराज्यपाल को ठाकरे सरकार ने नहीं दिया सरकारी विमान, 20 मिनट तक सीट पर...

राज्यपाल को ठाकरे सरकार ने नहीं दिया सरकारी विमान, 20 मिनट तक सीट पर बैठ कर प्लेन से उतरना पड़ा

"महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राज्य सरकार के प्लेन से आज देहरादून जाना था। मगर जब वह मुंबई एयर पोर्ट पर पहुँचे, तो उनसे कहा गया कि उन्हें प्लेन से देहरादून के लिए उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके बाद..."

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और राज्य की उद्धव सरकार के बीच चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों में मनमुटाव एक फिर देखने को मिला। दरअसल, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आज देहरादून जाने के लिए एक सरकारी चार्टर प्लेन में लगभग 20 मिनट तक बैठे इंतजार करते रहे, लेकिन राज्य की महाविकास अघाड़ी (MVA) उद्धव सरकार ने चार्टर प्लेन की इजाजत नहीं दी। इसके बाद गर्वनर को विमान से उतरना पड़ा।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, “महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राज्य सरकार के प्लेन से आज देहरादून जाना था। मगर जब वह मुंबई एयर पोर्ट पर पहुँचे, तो उनसे कहा गया कि उन्हें प्लेन से देहरादून के लिए उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके बाद उन्होंने कर्शियल फ्लाइट बुक की और फिर देहरादून के लिए रवाना हुए।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते रविवार उत्‍तराखंड में हुई त्रासदी का जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी उत्तराखंड जाना चाहते थे। इसके लिए वह राज्य सरकार के विमान की सवारी करने वाले थे। जिसके मद्देनजर गर्वनर हाउस ने एक हफ्ते पहले ही राज्यपाल की देहरादून यात्रा की जानकारी राज्य सरकार को दी थी।

जब राज्यपाल विमान में सवार होने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुँचे तो लगभग आधे घंटे तक राज्यपाल सामान्य प्रशासन विभाग के संपर्क में थे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। वहीं जब उनको विमान में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिली तो फिर उन्होंने प्राईवेट एयरलाइंस से टिकट बुक करके मुंबई से देहरादून रवाना हुए।

बता दें, सरकारी चार्टर्ड प्लेन के इस्तेमाल की इजाजत मुख्यमंत्री के अंतगर्त आने वाले सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी जाती है।

राज्यपाल को यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का मामला गर्मा गया है। जिस पर नाराज भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने कहा, “यह बदला लेने की अधिकता है। मैंने कभी ऐसी प्रतिशोधी सरकार नहीं देखी। राज्यपाल एक संवैधानिक पद है, उसकी गरिमा को बनाए रखना चाहिए। ठाकरे सरकार ने रीति-रिवाजों और परंपराओं पर हमला किया है।”

इससे पहले भी कई मौके पर भगत सिंह कोश्यारी और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति देखी गई है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस जज ने सुनाया ज्ञानवापी में सर्वे करने का फैसला, उन्हें फिर से धमकियाँ आनी शुरू: इस बार विदेशी नंबरों से आ रही कॉल,...

ज्ञानवापी पर फैसला देने वाले जज को कुछ समय से विदेशों से कॉलें आ रही हैं। उन्होंने इस संबंध में एसएसपी को पत्र लिखकर कंप्लेन की है।

माली और नाई के बेटे जीत रहे पदक, दिहाड़ी मजदूर की बेटी कर रही ओलम्पिक की तैयारी: गोल्ड मेडल जीतने वाले UP के बच्चों...

10 साल से छोटी एक गोल्ड-मेडलिस्ट बच्ची के पिता परचून की दुकान चलाते हैं। वहीं एक अन्य जिम्नास्ट बच्ची के पिता प्राइवेट कम्पनी में काम करते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe