Homeदेश-समाजयूपी में जुर्म हुए कम, पुलिस के डंडे का दिख रहा दम

यूपी में जुर्म हुए कम, पुलिस के डंडे का दिख रहा दम

उसके पिछले साल (2017-18) के मुकाबले बीते साल (2018-19) में उत्तर प्रदेश में हत्या के मामलों में 10%, बलात्कार में 15%, लूट में 30 और डकैती में 44% कमी आई है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद से योगी आदित्यनाथ ने निरंतर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुधारने को अपने एजेंडे में सबसे ऊपर रखा हुआ है, और नतीजा आँकड़ों में झलकने लगा है। विधान परिषद में दिए गए सरकार के आँकड़ों के अनुसार गंभीर अपराधों की दर में काफ़ी कमी आई है। इसमें हत्या, बलवा, बलात्कार, लूट जैसे हिंसक अपराधों के आँकड़े आधार रूप में लिए गए हैं। बलवा में भी 11% की कमी की बात सरकार ने कही है।

15 फीसदी कम हुआ दुष्कर्म, डकैती 44 फीसदी

उसके पिछले साल (2017-18) के मुकाबले बीते साल (2018-19) में उत्तर प्रदेश में हत्या के मामलों में 10%, बलात्कार में 15%, लूट में 30 और डकैती में 44% कमी आई है। कॉन्ग्रेस के एमएलसी दीपक सिंह के द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार ने यह आँकड़े सदन के पटल पर रखे। उत्तर के अनुसार दहेज हत्या में भी 4% और बलात्कार में 15% की कमी दर्ज की गई है

सोनभद्र काण्ड के पृष्ठभूमि में आँकड़ा महत्वपूर्ण

सरकार के लिए यह आँकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सोनभद्र में एक साथ 10 से अधिक ग्रामीणों की जमीन विवाद के मामले से सरकार जूझ रही है। आज भी मामले से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर प्रकाश में आए हैं। हालाँकि योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जड़ कॉन्ग्रेस राज में होने का दावा किया है, लेकिन इसके बावजूद अपराध पर सख्ती की उनकी छवि पर एक प्रश्नवाचक चिह्न तो इस हत्याकांड के बाद लग ही गया है। ऐसे में इस जघन्य हत्याकांड के बावजूद कुल मिलाकर अपराध में कमी की खबर सरकार के लिए किसी छोटी-मोटी संजीवनी से कम नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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