Homeराजनीति'इन EVM मशीनों का मतगणना में नहीं हुआ इस्तेमाल': अखिलेश यादव के आरोपों पर...

‘इन EVM मशीनों का मतगणना में नहीं हुआ इस्तेमाल’: अखिलेश यादव के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब, कहा- वो ट्रेनिंग के लिए है

अधिकारी के मुताबिक, स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाने के दौरान एक राजनीतिक पार्टी के लोगों ने ईवीएम को रोक लिया और ये अफवाह फैलाई के इसे वोटों की गिनती के लिए ले जाया जा रहा था।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Assembly Election 2022) एक्जिट पोल आने शुरू हुए हैं, तभी से EVM के बुरे दिन शुरू हो गए। विपक्ष ने EVM को कोसते हुए चुनाव आयोग पर ही गड़बड़ी का आरोप लगा दिया। इस बीच अखिलेश यादव के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कहा है कि वो ईवीएम को ट्रेनिंग के लिए लेकर गए हैं।

किसी भी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार करते मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया है कि वाराणसी में जिस ईवीएम को ले जाने का वीडियो वायरल किया जा रहा है वो ईवीएम ट्रेनिंग के लिए लेकर गए थे। यूपी के एक कॉलेज में 9 मार्च 2022 को ट्रेनिंग होनी है। इसीलिए इसे लेकर जाया जा रहा था और इसे राशन के एक गोदाम में रखा गया था। अधिकारी के मुताबिक, स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाने के दौरान एक राजनीतिक पार्टी के लोगों ने ईवीएम को रोक लिया और ये अफवाह फैलाई के इसे वोटों की गिनती के लिए ले जाया जा रहा था।

इस मुद्दे पर वाराणसी जिले के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने 8 मार्च को ही कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ बैठक की थी। वो कहते हैं कि 20 ईवीएम मशीनों को ट्रेनिंग के लिए ले जाया गया था। इलेक्शन ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का यह सेकंड फेज की ट्रेनिंग थी। जिलाधिकारी ने ये भी स्पष्ट किया कि ट्रेनिंग के लिए ले जाई गई मशीनों का इस्तेमाल वोटिंग के दौरान नहीं हुआ था।

अखिलेश यादव ने लगाया था गड़बड़ी का आरोप

गौरतलब है कि आखिरी चरण के मतदान के बाद जब से एजेंसियों ने अपने एक्जिट पोल्स में भाजपा को बहुमत मिलता दिखाया है। उसके बाद से समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ईवीएम को कोसना शुरू कर दिया। मंगलवार (8 मार्च 2022) को उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव आयोग पर ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम को गलत तरीके से ले जाया जा रहा है और हमें सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने इसे ‘चोरी’ बताते हुए कहा कि हमें अपने वोट बचाने की ज़रूरत है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘फोर्स्ड लेबर’ के नाम पर भारत पर 12.5% टैरिफ का USTR प्रस्ताव: क्या सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बाद ट्रंप खोज रहे नया...

USTR ने भारत सहित कई देशों पर नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। भारत ने कहा कि प्रक्रिया जारी है और फैसला अभी बाकी है।

टिंडर से दोस्ती, ₹50 लाख की फिरौती और हथौड़े से कत्ल: DU के छात्र आयुष नौटियाल की हत्या केस में इश्तियाक अली दोषी, पढ़ें-...

2018 के चर्चित आयुष नौटियाल मर्डर केस में कोर्ट ने इश्तियाक अली को दोषी करार दिया। पढ़ें अपहरण, फिरौती, हत्या और पुलिस जाँच की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -