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‘गाजियों की धरती पर गरजेंगे शेर-ए-हिंदुस्तान ओवैसी’: संभल में लगे पोस्टर पर बीजेपी ने घेरा, कहा- ‘मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे’

ओवैसी की रैली के मद्देनजर शहरभर में AIMIM के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें संभल को गाजियों की धरती अर्थात (इस्लाम के वीर योद्धाओं ) की धरती बताया गया है।

अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी सियासी पार्टियाँ वोटों को लुभाने में लगी हैं। इसी क्रम में आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी यूपी के संभल में चुनावी जनसभाएँ करने जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले ही वह विवादों में घिर गए हैं। इसको लेकर बीजेपी ने उनपर निशाना साधा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओवैसी की रैली के मद्देनजर शहरभर में AIMIM के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें संभल को गाजियों की धरती अर्थात (इस्लाम के वीर योद्धाओं ) की धरती बताया गया है। पोस्टर पर लिखा है, “गाजियों की धरती पर गरजेंगे शेर-ए-हिंदुस्तान…” इसी पोस्टर पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे ओवैसी का चुनावी स्टंट करार दिया है। हालाँकि, इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद उन पोस्टरों को हटा दिया गया है।

इस मामले पर भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने कहा है कि यह केवल ओवैसी का चुनावी पैंतरा बस है। संभल कभी भी गाजियों की धरती नहीं रहा है। हिंदुस्तान का कोई भी शहर न तो कभी गाजियों का रहा है औऱ न हम ऐसा होने देंगे। बीजेपी नेता ने कहा इस तरह के मंसूबों को कभी भी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

संभल को पौराणिक शहर करार देते हुए राजेश सिंघल ने कहा कि इस शहर को लेकर पुराणों में कल्कि अवतार के बारे में जिक्र है, लेकिन अगर कोई यह साबित कर दे कि कुरान में इसे गाजियों की धरती बताया गया है तो राजनीति छोड़ दूँगा।

2022 चुनाव पर है ओवैसी की नजर

AIMIM चीफ असुदुद्दीन ओवैसी की नजर 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर टिकी है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि असुदुद्दीन ओवैसी की पार्टी राज्य में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। यही कारण है कि ओवैसी यहाँ पर अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

ओवैसी की गाजियों की धरती वाले बयान को लेकर ट्विटर पर राधादेव शर्मा ने तंज कसा। शर्मा ने लिखा, “यूपी के जिले संभल मे आज AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा के लिए लगवाए गए पोस्टर और विज्ञापनों में पौराणिक क्षेत्र संभल को ‘गाजियों की धरती’ लिखा गया है। इससे पहले ये लोग अयोध्या को फैजाबाद लिखे थे। संभल गाजियों की धरती कैसे हो गई नमकहरामों?”

वहीं राधादेव के ट्वीट पर कमेंट करते हुए सुरेश शर्मा नाम के यूजर ने कहा कि इस बात के बारे में सेक्युलर हिंदुओं को सोचने की आवश्यकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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