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‘BJP वर्कर की हत्या करने वाले दोषी नहीं, वह एक्शन का रिएक्शन’: राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी में लिंचिंग को जायज ठहराया

टिकैत ने कहा कि लखीमपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने वालों को दोषी मत समझो। भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीट कर हत्या करना केवल 'एक्शन का रिएक्शन' था। कोई प्लानिंग नहीं थी।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शनिवार (अक्टूबर 9, 2021) को कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की लिंचिंग को वह गलत नहीं मानते। उन्होंने कहा, “जो हुआ वो गलत नहीं था। मैं उनको दोषी नहीं मानता।” उनका कहना है कि पीट-पीट कर मारना उनकी नजर में हत्या नहीं है। ये बातें ‘किसान नेता’ ने दिल्ली प्रेस क्लब में मीटिंग के दौरान कहीं।

टिकैत ने कहा कि लखीमपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या करने वालों को दोषी मत समझो, उन्होंने केवल प्रदर्शनकारियों के ऊपर एसयूवी चढ़ाए जाने की प्रतिक्रिया में ऐसा किया। वह हत्या में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की पीट-पीट कर हत्या करना केवल ‘एक्शन का रिएक्शन’ था। कोई प्लानिंग नहीं थी।  

इधर संयुक्त किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में 15 अक्टूबर को पुतला दहन का ऐलान किया है। किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि हिंसा का विरोध जताते हुए वह दशहरे के दिन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जलाएँगे। राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि 26 अक्टूबर को संयुक्त किसान मोर्चा बैठक कर पूरे देश में कलश यात्राएँ निकालेगा। इसके साथ ही 18 अक्टूबर को किसान संगठन 6 घंटे ट्रेन रोकेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा नेता योगेंद्र यादव 18 अक्टूबर को रेल रोको का आह्वान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा की माँग है कि जल्द ही लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में जल्द ही अजय मिश्रा टेनी और मुख्य आरोपित उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हो। इसके साथ ही वह अजय टेनी को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री पद से बर्खास्त करने की भी माँग कर रहे हैं। वहीं योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सरकार पावरफुल लोगों को बचाने में जुटी हुई है।

योगेंद्र यादव ने शनिवार को जानकारी दी कि संयुक्त किसान मोर्चा 12 सितंबर को लखीमपुर से ‘शहीद’ किसान कलश यात्रा शुरू करेगा। उन्होंने कहा, ”हम हर नागरिक से अपील करते हैं कि 12 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घरों के बाहर पाँच मोमबत्तियाँ जलाएँ।”

वहीं, किसान नेता दर्शनपाल ने कहा कि किसानों को गाड़ी से कुचलकर दोषियों ने डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी, लेकिन किसान नहीं डरेंगे। उन्होंने लखीमपुर खीरी हिंसा को पूर्व नियोजित बताया। वहीं, किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्राहन ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ सरकार द्वारा हिंसक रूप अपनाया गया है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि वह हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएँगे। इसके साथ ही उन्होंने भी मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष की गिरफ्तारी की माँग की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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