बाबरी मस्जिद के याचिकाकर्ता इक़बाल अंसारी ने प्रियंका की ‘अयोध्या यात्रा’ को बताया एक चुनावी स्टंट

इक़बाल अंसारी ने अयोध्या विवाद को कॉन्ग्रेस का उपहार बताया और उस पर हिंदू-मुस्लिमों को एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गाँधी की अयोध्या यात्रा से कॉन्ग्रेस को कोई फ़ायदा नहीं होने वाला।

बाबरी मस्जिद के याचिकाकर्ता इक़बाल अंसारी ने आज प्रियंका गाँधी की अयोध्या यात्रा को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी पर ज़ोरदार वार किया है। ख़बरों के अनुसार, अंसारी ने शहर की यात्रा को चुनावी स्टंट बताया। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी पर दशकों तक शासन करने और फिर भी अयोध्या में कोई विकास कार्य नहीं करने का आरोप लगाया।

अंसारी ने मीडिया से कहा कि कॉन्ग्रेस के शासनकाल में, अयोध्या में कोई विकास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई बुनियादी विकास नहीं हुआ है, फिर चाहे बात रोज़गार की हो या समृद्धि की।

अंसारी ने अयोध्या विवाद को कॉन्ग्रेस का उपहार बताया और उस पर हिंदू-मुस्लिमों को एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रियंका गाँधी की अयोध्या यात्रा से कॉन्ग्रेस को कोई फ़ायदा नहीं होने वाला। इक़बाल अंसारी ने कॉन्ग्रेस द्वारा अपने 60 वर्षों के शासन के दौरान अयोध्या की अनदेखी पर हमला किया। उन्होंने कहा कि शहर में कॉन्ग्रेस द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किया गया, न तो रोज़गार उत्पन्न हुआ और न ही कोई मिल या कारखाना स्थापित किया गया।

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अंसारी ने कथित तौर पर यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस की वजह से ही बाबरी मस्जिद और राम-जन्मभूमि विवाद अब तक नहीं सुलझ सका।

हालाँकि, अंसारी ने केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी अयोध्या में विकास कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विकास कार्यों की देखरेख के लिए शहर के नियमित दौरे के लिए सीएम योगी की प्रशंसा की। अंसारी ने वर्तमान भाजपा सरकार और शहर के विकास के लिए पिछली समाजवादी पार्टी सरकार को श्रेय दिया, लेकिन अपने शासन के दौरान विकास के नाम पर कुछ नहीं करने के लिए कॉन्ग्रेस पर हमला किया।

अंसारी ने कहा कि मतदाता जागरूक और शिक्षित हैं और प्रियंका गाँधी की अयोध्या यात्रा से कॉन्ग्रेस पार्टी को कोई वोट नहीं मिलने वाला है। इक़बाल ने इस बात ज़ोर दिया कि मतदाता आज स्मार्ट हैं, वे चुनाव के समय के स्टंट के धोखे में नहीं आने वाले।

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