Tuesday, October 19, 2021
Homeराजनीतिबंगाल में 'बिहार मॉडल' लागू किया तो खून-खराबा होगा: ओवैसी को झटका दे ममता...

बंगाल में ‘बिहार मॉडल’ लागू किया तो खून-खराबा होगा: ओवैसी को झटका दे ममता से मिल गए अनवर पाशा

“मेरा उनके (ओवैसी) लिए एक पैगाम है। चुनाव लड़ने के लिए बंगाल आने की कोई ज़रूरत नहीं है। बंगाल को आपकी कोई ज़रूरत भी नहीं है। अगर फिर भी आप आते हैं तो हम डट कर आपसे लड़ेंगे। हम पश्चिम बंगाल में आपको ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं करने देंगे और न ही भाजपा को जिताने में मदद करने देंगे।"

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले लिबरल और मीडिया गिरोह का एक वर्ग असदुद्दीन ओवैसी को लेकर घनघोर आशावादी था। बिहार चुनाव को आधार बना कर इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि एआईएमआईएम का प्रदर्शन कैसा हो सकता है। इस तरह के तमाम कयासों के बीच बंगाल में ओवैसी की पार्टी AIMIM को बड़ा झटका लगा है। एआईएमआईएम नेता अनवर पाशा तृणमूल कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा उन्होंने एआईएमआईएम के राजनीतिक एजेंडों को भी कठघरे में खड़ा किया है। 

अनवर पाशा ने कहा कि एआईएमआईएम ने बिहार विधानसभा चुनाव में ध्रुवीकरण की राजनीति का सहारा लेकर भाजपा को जिताने में मदद की है। यह बेहद ख़तरनाक है और पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं होने दिया जा सकता। अगर पश्चिम बंगाल में ‘बिहार मॉडल’ लागू किया जाता है तो सिर्फ खून-खराबा होगा। पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यकों की आबादी सिर्फ 30 फ़ीसदी है ऐसे में एआईएमआईएम जैसी सांप्रदायिक शक्तियों को रोकना बेहद ज़रूरी है।

अनवर पाशा का कहना था, “इन सांप्रदायिक ताकतों को पश्चिम बंगाल में दाखिल होने से रोकना बेहद ज़रूरी है। सालों से अलग-अलग समुदाय के लोग सद्भावना के साथ रह रहे हैं। लेकिन अब उन्हें बाँटने और उनके बीच घृणा पैदा करने का प्रयास हो रहा है।” इसके बाद पूर्व एआईएमआईएम नेता ने ममता बनर्जी की शान में भी कसीदे पढ़े। 

पाशा ने कहा कि ममता बनर्जी इकलौती मुख्यमंत्री थीं जिन्होंने सीएए और एनआरसी के विरोध में आवाज़ बुलंद की। लोग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हैं, जबकि सच यह है कि अगर वह इमामों का आर्थिक सहयोग करती हैं तो पुजारियों का भी करती हैं। वह अपना सिर ढक कर आमीन कहती हैं तो पूजा करने के लिए मंदिर भी जाती हैं। इतना ‘सेकुलर नेता’ अपने जीवन में नहीं देखा। 

पाशा ने कहा, “मेरा पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों से अनुरोध है कि वह भगवा को प्रदेश से दूर रखने के लिए ममता बनर्जी की मदद करें।” इसके बाद ओवैसी के विरुद्ध खरी-खरी बोलते हुए अनवर पाशा ने कहा, “मेरा उनके (ओवैसी) लिए एक पैगाम है। चुनाव लड़ने के लिए बंगाल आने की कोई ज़रूरत नहीं है। बंगाल को आपकी कोई ज़रूरत भी नहीं है। अगर फिर भी आप आते हैं तो हम डट कर आपसे लड़ेंगे। हम पश्चिम बंगाल में आपको ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं करने देंगे और न ही भाजपा को जिताने में मदद करने देंगे।”

बिहार विधानसभा चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने सीमांचल क्षेत्र में 5 सीटें हासिल की थीं। जिसके बाद पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

इधर आतंकी गोली मार रहे, उधर कश्मीरी ईंट-भट्टा मालिक मजदूरों के पैसे खा रहे: टारगेट किलिंग के बाद गैर-मुस्लिम बेबस

कश्मीर घाटी में गैर-कश्मीरियों को टारगेट कर हत्या करने के बाद दूसरे प्रदेशों से आए श्रमिक अब वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं।

कश्मीर को बना दिया विवादित क्षेत्र, सुपरमैन और वंडर वुमेन ने सैन्य शस्त्र तोड़े: एनिमेटेड मूवी ‘इनजस्टिस’ में भारत विरोधी प्रोपेगेंडा

सोशल मीडिया यूजर्स इस क्लिप को शेयर कर रहे हैं और बता रहे हैं कि कैसे कश्मीर का चित्रण डीसी की इस एनिमेटिड मूवी में हुआ है और कैसे उन्होंने भारत को बुरा दिखाया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,884FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe