Wednesday, July 6, 2022
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पिता और चाचा को बचाने गई लड़की को TMC के गुंडों ने पीटा: सूजी आँखों से बताई पीड़ा, BJP ने शेयर किया Video

“तृणमूल कॉन्ग्रेस की बर्बरता अपने चरम पर है। इस टाइम उन्होंने इस नवयुवती को पीटा क्योंकि वह अपने पिता को बचाने गई थी, जिन्हें तृणमूल के गुंडे मार रहे थे। सवाल जो अब दीदी से पूछा जाना चाहिए- क्या ये लड़की बंगाल की बिटिया नहीं है?”

पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक लड़की की वीडियो वायरल हुई है। वीडियो में वह बता रही है कि कैसे तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने उसे और उसके परिवार को बेरहमी से पीटा। वीडियो को भाजपा की बंगाल ईकाई के ट्विटर अकाउंट से भी शेयर किया गया है। मामला नॉर्थ परगना जिले के दमदम नगरपालिका के काशीपुर क्षेत्र का है।

भाजपा द्वारा शेयर की गई इस वीडियो में लड़की आपबीती सुना रही है। उसकी आँख के पास आई चोटें भी वीडियो में साफ दिख रही हैं। घटना से संबंधित सवाल पूछे जाने पर वह कहती है, “मेरी आँख में चोट आई है। मेरे चाचा को तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता मार रहे थे तो मेरे पापा उन्हें बचाने गए।”

पीड़िता आगे कहती है, “कई लोग मेरे चाचा को मार रहे थे। जब पापा को ये बात पता चली तो वह उन्हें बचाने गए। उन्हें भी पीटा गया। परिवार को पता चला तो हम भी उन लोगों को बचाने गए। सबने हमें भी पीटा।”

पीड़िता का वीडियो शेयर करते हुए भाजपा ने कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस की बर्बरता अपने चरम पर है। इस टाइम उन्होंने इस नवयुवती को पीटा क्योंकि वह अपने पिता को बचाने गई थी, जिन्हें तृणमूल के गुंडे मार रहे थे। सवाल जो अब दीदी से पूछा जाना चाहिए- क्या ये लड़की बंगाल की बिटिया नहीं है?”

उल्लेखनीय है कि 26 फरवरी 2021 को रात 1:30 बजे टीएमसी के गुंडों ने भाजपा कार्यकर्ता की बुजुर्ग माँ की बेरहमी से पिटाई की थी, जिनकी घटना के एक माह बाद कल मौत हो गई। उन्होंने गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ा। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसे लेकर जानकारी दी।

उन्होंने लिखा, ”बंगाल की यह बेटी, किसी की माँ, किसी की बहन… मर चुकी है। टीएमसी के लोगों ने उन पर क्रूरतापूर्ण हमला किया गया था, लेकिन ममता बनर्जी ने उनके लिए दया का भाव भी प्रकट नहीं किया। उनके परिवार के घावों को कौन ठीक करेगा? टीएमसी की हिंसा की राजनीति ने बंगाल की आत्मा को चोट पहुँचाई है।” 

मालूम हो कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा नई नहीं है। शुक्रवार को 30 साल के भाजपा कार्यकर्ता लाल सोरेन की लाश उनके घर के नजदीक एक जंगल में मिली। मेदिनीपुर विधानसभा के बूथ सेक्रेट्री 26 मार्च को जामुन के पेड़ से लटके पाए गए थे।

भाजपा ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट में लिखा था, “मेदिनीपुर विधानसभा के बूथ सेक्रेट्री 30 वर्षीय लालमोहन सोरेन आज सुबह लटके मिले। 72 घंटे में 4 हत्याएँ हुई हैं। ये समय है कि बंगाल एक साथ आए और इस राजनीतिक हिंसा वाले दौर को खत्म करे।”

लाल सोरेन से पहले कूचबिहार जिले के दिनहाटा टाउन मंडल के अध्यक्ष अमित सरकार का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैली थी। मंडल अध्यक्ष का शव दिनहाटा में वेटनरी हॉस्पिटल के परिसर से बरामद हुआ था।

ऐसे ही नादिया के शांतिपुर में भाजपा कार्यकर्ता प्रताप बरमन और दिपांकर बिस्वास की बेहरहमी से हत्या की घटना सामने आई थी। भाजपा ने उनकी मौत का आरोप तृणमूल कॉन्ग्रेस पर लगाया था। 18 मार्च को भी एक भाजपा कार्यकर्ता विकास नस्कर की लाश पेड़ से झूलती मिली थी। वह दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दक्षिण के निवासी थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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