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बंगाल: शवों के साथ बर्बरता वाले वीडियो पर गवर्नर ने माँगा जवाब, कहा- घिनौने तरीके से दुखी हूँ

"मैं उस घिनौने तरीके से दुखी हूँ, जिसमें 14 शवों को सड़क पर घसीटा गया था। मैंने मुख्य सचिव और गृह सचिव को पत्र लिखा है। गृह सचिव ने जवाब दिया है। उनकी प्रतिक्रिया इस तरह की है जैसे इस जगह पर प्रोटोकॉल लागू नहीं था।"

पश्चिम बंगाल में शवों को घसीटने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव से जवाब माँगा है।

मामले पर शुक्रवार (12 जून, 2020) को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ट्वीट कर कहा, “मैं उस घिनौने तरीके से दुखी हूँ, जिसमें 14 शवों को सड़क पर घसीटा गया था। मैंने मुख्य सचिव और गृह सचिव को पत्र लिखा है। गृह सचिव ने जवाब दिया है। उनकी प्रतिक्रिया इस तरह की है जैसे इस जगह पर प्रोटोकॉल लागू नहीं था।”

राज्यपाल ने आगे लिखा कि सवाल तो यह है ही की ये मौतें कोरोना से हुई हैं या नहीं। जिस तरह से शवों को घसीटा गया, ये देखकर मुझे पीड़ा हो रही है।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में एक श्मशान घाट पर कुछ शवों को जलाने के दौरान इलाके में बदबू फैल गई थी। इस पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और विरोध के साथ हंगामा करने लगी। इसके बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने अधजली लाशें घसीटते हुए गाड़ी में भरी।

इस अमानीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। हालाँकि प्रशासन ने इससे इनकार किया है। सोशल मीडिया पर आए वाडियो में आप देख सकते हैं कि कर्मचारी कोलकाता में गारिया शवदाह गृह में रखे शवों को हुक से घसीटते हुए बाहर खड़ी गाड़ी में फेंक रहे हैं।

इस मामले को लेकर मचे हंगामे के बाद अब राज्य प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वहीं ममता सरकार ने दलील दी कि शव कोरोना पीड़ितों के नहीं थे। कोलकाता पुलिस ने भी कहा कि शव कोरोना पीड़ितों के नहीं थे, कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि बंगाल में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 9768 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि कुल 442 मौतें हो चुकी हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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