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जिनकी राजनीति अफवाहों पर आधारित, वे किसानों को गुमराह कर रहे: CM योगी ने विपक्षी नेताओं को लगाई फटकार

"दिल्ली की AAP पार्टी की सरकार ने APMC में संशोधन किया। इसके बावजूद उन्होंने भारत बंद का समर्थन किया। योगेंद्र यादव एक्ट में संशोधन के लिए बोल चुके हैं। इसके बाद भी ये जगह-जगह पर बोलते हुए नजर आ रहे है। इसलिए आम नागरिक में इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिपब्लिक भारत के अर्नब गोस्वामी को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने देश को गुमराह करने का काम किया है। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाए थे, लेकिन दुर्भाग्य से इसमें राजनीति शुरू हो गई।”

CM योगी ने कहा, “जो लोग किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं। ये लोग भूतपूर्व में किसानों ने जो काम किया है उसे अच्छा नहीं मानते हैं। यह लोग उन कॉरपोरेट क्षेत्र के मोहरे हैं जो कृषि क्षेत्र में सुधार नहीं चाहते।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर विपक्ष को लगता है कि एक झूठ को बार-बार बोलने से वो सत्य हो जाएगा, तो उन्हें बता दूँ कि देश की जनता सब जान चुकी है, विपक्ष अब किसान को गुमराह नहीं कर पाएगा। मुझे आश्चर्य है कि कॉन्ग्रेस ने अपने 2019 के घोषणापत्र में इन्हीं कृषि सुधारों का उल्लेख किया था और मुख्यमंत्रियों ने भी वही माँग की क्योंकि ये किसानों के हित में थे।”

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “दिल्ली की AAP पार्टी की सरकार ने APMC में संशोधन किया। इसके बावजूद उन्होंने भारत बंद का समर्थन किया। योगेंद्र यादव एक्ट में संशोधन के लिए बोल चुके हैं। इसके बाद भी ये जगह-जगह पर बोलते हुए नजर आ रहे है। इसलिए आम नागरिक में इनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है।” CM योगी ने इस मामले को लेकर इच्छाधारी प्रोटेस्टर योगेंद्र यादव को उनके झूठ और दोहरे मानदंड के लिए फटकार भी लगाई।

उन्होंने यह भी कहा, “उत्तर प्रदेश के अंदर हर व्यक्ति जानता है कि किसानों के बेहतरी के लिए मोदी जी के नेतृत्व में जो काम किया है उसे किसान भी महसूस करता है।”

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जिन लोगों की राजनीति अफवाहों पर आधारित है, वे किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिशों से केंद्र-किसान वार्ता बाधित हो रही है और देश का माहौल बिगड़ रहा है। आपने देखा होगा फरवरी 2019 में किसान निधि योजना लागू की गई थी। तब से अबतक किसानों के खाते में पैसा जा रहा है। लोग इसके लिए भी अफवाह फैलाए थे कि ये योजना बंद हो जाएगी।”

यूपी के मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वर्षों से लंबित जो सिंचाई की परियोजनाएँ रही हैं, उसे हमने पूरा किया। वर्तमान में सरयू नहर परियोजना, मध्य गंगा सिचांई परियोजना, इसके साथ ही अन्य योजनाएँ ला रहे हैं। CM ने कहा कि सरकार के बातचीत के रास्ते बंद नहीं है। सरकार ने संवाद का रास्ता खोला है, लेकिन हमारे किसान प्रतिनिधियों को भी अपने मुद्दे स्पष्ट करने होंगे। ये अधिनियम पूरे देश के किसानों के लिए बना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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