Tuesday, July 27, 2021
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दूसरे राज्यों में फँसे श्रमिकों को वापस लाएगी योगी सरकार, 3-6 माह में 15 लाख रोजगार सृजन के दिए निर्देश

सीएम ने कहा, "उत्तर प्रदेश में वापस लाए जाने से पूर्व इन श्रमिकों, कामगारों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराई जाएगी। तत्पश्चात, बस द्वारा सभी को इनके जनपदों में भेजा जाएगा। हमारे श्रमिक और कामगार बंधु जिस जनपद में जाएँगे, वहाँ भी 14 दिन क्वारंटाइन का समय पूरा करेंगे।"

दूसरे राज्यों में फॅंसे उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिक वापस लाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन श्रमिकों को वापस लाया जाएगा जो दूसरों राज्यों में 14 दिन की क्वारंटाइन अवधि पूरा कर चुके हैं।

सीएम योगी ने टीम-11 के साथ मीटिंग में 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा कर चुके दूसरे राज्यों में फँसे मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में सीएम योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश के ऐसे श्रमिक, कामगार तथा मजदूर, जो अन्य राज्यों में निवासरत हैं और 14 दिन की क्वारंटाइन अवधि पूरी कर चुके हैं, हम उन्हें वापस उनके घर पहुँचाएँगे। ऐसे लोगों की राज्यवार सूची तैयार करने सहित चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।”

सीएम ने कहा, “उत्तर प्रदेश में वापस लाए जाने से पूर्व इन श्रमिकों, कामगारों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराई जाएगी। तत्पश्चात, बस द्वारा सभी को इनके जनपदों में भेजा जाएगा। हमारे श्रमिक और कामगार बंधु जिस जनपद में जाएँगे, वहाँ भी 14 दिन क्वारंटाइन का समय पूरा करेंगे।”

हर मजदूर को मिलेंगे 1000 रुपए

इसके साथ ही सीएम योगी ने शुक्रवार को 5 कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों से यह भी कहा कि शेल्टर होम/आश्रय स्थल को सैनिटाइज कर सभी के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए। 14 दिन का क्वारंटाइन पूरा करने के उपरांत सबको राशन किट व ₹1000 के भरण-पोषण भत्ते के साथ होम क्वारंटाइन के लिए घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम-11 के साथ बैठक में निर्देश दिए कि कम्युनिटी किचन की व्यवस्था और बेहतर किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमाणित संस्था को ही कम्युनिटी किचन के संचालन की अनुमति दी जाए और ऐसी संस्था की संख्या को बढ़ाने की भी कोशिश की जाए। सीएम योगी ने यह भी कहा कि बिना प्रशासन की अनुमति के किसी भी संस्था या व्यक्ति को खाद्यान्न एवं भोजन का वितरण न करने दिया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में 3 से 6 महीनों के भीतर कम से कम 15 लाख लोगों के रोजगार सृजन की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। इसके लिए उन्होंने विभिन्न विभागों को सप्ताह भर में कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई, ओडीओपी, एनआरएलएम, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना, कौशल विकास मिशन, खादी ग्रामोद्योग तथा मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन के कार्यों में तेजी लाई जाए। लॉकडाउन के बाद रोजगार पैदा करने और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की चुनौती है। इसके लिए अभी से तैयारी की जाए।

मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) प्रोत्साहन योजना के तहत युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ-साथ 2500 रुपए मासिक प्रशिक्षण भत्ता दिए जाने की व्यवस्था की गई है। एक वर्ष में एक लाख युवाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत 2 लाख युवाओं को जोड़े जाने की कार्ययोजना बनाए जाने की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने रोजगार अथवा स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वावलंबन के लिए युवाओं को ‘युवा हब’ के माध्यम से भी ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।

सीएम योगी ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और कौशल विकास मिशन के तहत विभिन्न ट्रेडों में व्यापक प्रशिक्षण की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होंगे। मोबाइल रिपेयरिंग के संबंध में भी प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार सृजित किया जा सकता है। उन्होंने पॉलीटेक्निक, साइंस लैब्स, आईटीआई के सहयोग से प्रशिक्षण दिए जाने की बात कही।

उन्होंने लॉकडाउन के बाद युवाओं को लोन मेला और रोजगार मेला लगाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों से समन्वय बनाकर ग्राहक सेवा केन्द्रों के संबंध में भी योजना बनाए जाने के निर्देश दिए।

महिला समूहों से बनवाएँ स्कूल यूनिफॉर्म, स्वेटर

सीएम ने कहा कि एमएसएमई और ओडीओपी के तहत रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएँ हैं। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म और स्वेटर बनाए जाने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए सिलाई और स्वेटर मशीनों की उपलब्धता कर महिला स्वयंसेवी समूहों को रोजगार प्रदान किया जाए।

इसी प्रकार, खाद्य और फल प्रसंस्करण के माध्यम से भी इन्हें रोजगार प्रदान करने की रणनीति बनाई जाए। इसके अलावा, व्यापक स्तर पर मास्क बनाने के कार्य से भी रोजगार सृजन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खादी के क्षेत्र में सोलर चरखों का संचालन, सोलर लूम स्थापित कर व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए।

गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान के शहर कोटा में फँसे उत्तर प्रदेश के लगभग 7500 छात्रों को वहाँ से निकालने के लिए योगी सरकार ने 252 बसें भेजी थी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि प्रदेश में कोई भी भूखा न सोए। इससे ​​कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसी व्यक्ति के पास राशन कार्ड है या नहीं, आधार कार्ड है या नहीं, अगर व्यक्ति जरूरतमंद है तो उसे आवश्यक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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