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इंडोनेशियाई जमाती मुंबई पहुँचकर 22 दिनों तक मस्जिदों में घूमते रहे, पुलिस ने किया हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज

"हमें यह पता चला कि ये दो जत्थे में 29 फरवरी एवं 3 मार्च को भारत आए थे और बाद में जलसे में शामिल होने के लिए मरकज पहुँचे। ये विदेशी नागरिक 7 मार्च को मुंबई पहुँचे और 29 मार्च से अपार्टमेंट में रहने लगे। इसका मतलब यह हुआ कि वह 22 दिन तक घूमते रहे।"

दिल्ली के तबलीगी जमात से निकलकर मुंबई के बांद्रा पहुँचने वाले 10 इंडोनेशियाई जमातियों पर पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा 307 समेत कई संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनपर आरोप है कि ये लॉकडाउन होने के बावजूद उसके नियमों का उल्लंघन किया और ये इंडोनेशियाई जमाती धारावी सहित कई जगहों की मस्जिदों में घूमते रहे।

पुलिस ने 307 के अलावा इनके ऊपर धारा 304 यानी हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या के लिए दण्ड, धारा 188 (आदेश की अवज्ञा), और धारा 269 के तहत केस तैयार किया है।

बता दें, ये 10 विदेशी इंडोनेशियाई जमाती उसी 12 लोगों के समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने दिल्ली के मरकज़ में हुए कार्यक्रम में भाग लिया। मगर, वहाँ से लौटने के बाद बांद्रा पश्चिम के एक अपार्टमेंट में 29 मार्च से रहने लगे। इनमें 12 जमातियों में 6 महिलाएँ भी शामिल थी। पुलिस ने बताया कि इनके ख़िलाफ़ अप्रैल के शुरुआती हफ्ते में मामला दर्ज हुआ था और अभी फिलहाल उस शख्श की जानकारी जुटाई जा रही है जिसने इनके रहने का इंतजाम किया।

एक अधिकारी ने इस संबंध में बताया, “हमें यह पता चला कि ये दो जत्थे में 29 फरवरी एवं 3 मार्च को भारत आए थे और बाद में जलसे में शामिल होने के लिए मरकज पहुँचे।’’ अधिकारी ने बताया कि ये विदेशी नागरिक 7 मार्च को मुंबई पहुँचे और 29 मार्च से अपार्टमेंट में रहने लगे। इसका मतलब यह हुआ कि वह 22 दिन तक घूमते रहे।

इसके अतिरिक्त पुलिस ने ये भी जानकारी दी कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। जिनका पता लगने के बाद मेडिकल जाँच करवाई गई और बाद में इनमें से 2 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले थे। जबकि अन्य दस को बिल्डिंग से निकालकर 20 दिन के लिए क्वारंटाइन करवा दिया गया। जब इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई तो 22 अप्रैल को सबकी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद 23 अप्रैल को अदालत में पेश करके इन्हें रिमांड पर लिया गया।

गौरतलब है कि इस समय महाराष्ट्र में कोरोना का कहर सबसे अधिक है। ऐसे में बीते दिनों पुलिस ने महाराष्ट्र में 21 विदेशियों को पकड़ा था और उन्हें क्वारंटाइन भी कराया था। मगर जिस पुलिसकर्मी ने उन्हें क्वारंटाइन करवाया था। बाद में वे भी कोरोना संक्रमित हो गए थे। इस बात की जानकारी मिलने के बाद वहाँ की पुलिस में हड़कंप मच गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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