Homeदेश-समाजमहाराष्ट्र: मस्जिद में छिपे 21 विदेशी जमाती को पकड़ने वाले पुलिस अधिकारी को कोरोना

महाराष्ट्र: मस्जिद में छिपे 21 विदेशी जमाती को पकड़ने वाले पुलिस अधिकारी को कोरोना

अभियान के दौरान तबलीगी जमात से जुड़े 8 मलेशियाई और 13 बांग्लादेशी जमातियों को पकड़ा गया था। इन्होंने 13 से 15 मार्च के बीच निजामुद्दीन स्थित मरकज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इन सभी ने पहले तमिलनाडु फिर महाराष्ट्र के मुंब्रा की यात्रा की थी। इसके बाद से छिपे हुए थे।

देश में कोरोना वायरस का कहर अब उन डॉक्टरों, पुलिस अधिकारियों पर भी टूटने लगा है जो रात-दिन अपनी जान जोखिम में डालकर संक्रमण के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। महाराष्ट्र में वह पुलिस अधिकारी कोरोना पॉजीटिव पाया गया है, जिसने तबलीगी जमात से जुड़े 21 विदेशियों को पकड़ा और उन्हें क्वारंटाइन कराया था। राज्य में पुलिस अधिकारी के कोरोना संक्रमित पाए जाने का यह पहला मामला है।

महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को जाँच ने बाद कोरोना पॉजीटिव पाया गया है। इस बात की जानकारी जैसे ही पुलिस-प्रशासन को हुई पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। दरअसल कोरोना पॉजीटिव पाए गए पुलिस अधिकारी ने एक अभियान के तहत मस्जिद में छिपे तबलीगी जमात से जुड़े 21 विदेशी नागरिकों को पकड़ा था। फिलहाल कोरोना पीड़ित अधिकारी को महाराष्ट्र के नासिक के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अभियान के दौरान तबलीगी जमात से जुड़े 8 मलेशियाई और 13 बांग्लादेशी जमातियों को पकड़ा गया था। इन्होंने 13 से 15 मार्च के बीच निजामुद्दीन स्थित मरकज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इन सभी ने पहले तमिलनाडु फिर महाराष्ट्र के मुंब्रा की यात्रा की थी। इसके बाद से ये एक मस्जिद और एक स्कूल में छिपे हुए थे। इनके पकड़े जाने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने विदेशी नागरिकों के बारे में जानकारी छिपाने के आरोप में मस्जिद और स्कूल संचालकों के खिलाफ में मुकदमा दर्ज किया था।

यहाँ यह भी बताना बेहद जरूरी है कि कई बार अधिकारियों ने मरकज से आए लोगों से सामने आकर जाँच कराने की अपील की थी। इसके बाद भी जमातियों के सामने नहीं आने पर पुलिस ने इनके खिलाफ तलाशी अभियान चलाया था। मुंब्रा में तबलीगी जमात के सदस्यों को पकड़े जाने के बाद से ही पुलिस अधिकारी में कोरोना के लक्षण दिखाई देने लगे थे।

इससे पहले नवी मुंबई के खारघर में सीआईएसएफ के 11 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इनमें से पाँच मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात थे। इसके बाद यहाँ सीआईएसएफ के 146 अधिकारियों और कर्मचारियों को हॉस्पिटल में आइसोलेशन में भर्ती कराया गया था।

इससे पहले, झारखंड के रामगढ़ में पुलिस को सूचना मिली थी कि कुजू के जंगलों में कुछ तबलीगी जमाती जंगल के अंदर एक शिविर में छिपे हुए हैं। पुलिस ने इस स्थान पर छापा मारा और रामगढ़ जिले के मुंडू पुलिस थाने के तहत कुजू में ओरला, तेलेनिया के जंगल में एक ठिकाना मिला। हालाँकि पुलिस की छापेमारी से पहले ही टेंट में रह रहे जमाती फरार हो गए थे। पुलिस को जानकारी मिली थी कि इन जमातियों को गाँव के लोग खाना भी पहुँचा रहे थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, आतंकी भिंडरावाले को सेना ने इसी दिन 42 साल पहले किया था ढेर: जानें कट्टरपंथी क्यों...

श्री अकाल तख्त साहिब के पास बड़ी संख्या में कट्टरपंथी और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने खालिस्तानी संगठनों और भिंडरावाले के पोस्टर लहराए।

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
- विज्ञापन -