₹5000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपित हितेश पटेल अल्बानिया में गिरफ्तार, लाया जाएगा भारत

हितेश पटेल पर ₹5000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में आपराधिक जाँच से बचने के लिए स्टर्लिंग ग्रुप के सभी चार प्रमोटर देश से फरार हो गए थे।

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद भारत को एक और कामयाबी मिली है। बता दें कि गुजरात की फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक केस में भगोड़े हितेश पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार हितेश पटेल को अल्बानिया में हिरासत में लिया गया है, जो कि काफी दिनों से फरार चल रहा था।

दरअसल स्टर्लिंग बायोटेक मामले के आरोपी हितेश पटेल की भारतीय जाँच एजेंसियों को लंबे समय से तलाश थी। ईडी द्वारा विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन की शिकायत दायर की गई थी और उसके खिलाफ 11 मार्च को रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। जिसके बाद 20 मार्च को हितेश पटेल को अल्बानिया में राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो-तिराना द्वारा हिरासत में लिया गया। हितेश पटेल के जल्द ही भारत में प्रत्यर्पित किए जाने की उम्मीद है।

बता दें कि हितेश पटेल पर ₹5000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में आपराधिक जाँच से बचने के लिए स्टर्लिंग ग्रुप के सभी चार प्रमोटर देश से फरार हो गए थे। इन आरोपियों में हितेश पटेल के अलावा नितिन संदेसरा, चेतन संदेसरा, दीप्ति संदेसरा, राजभूषण दीक्षित, चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हाथी और बिचौलिया गगन धवन शामिल है। स्‍टर्लिंग ग्रुप की कंपनियों में स्टर्लिंग बॉयोटेक लिमिटेड, पीएमटी मशींस लिमिटेड, स्टर्लिंग सेज ऐंड इंफ्रा लिमिटेड, स्टर्लिंग पोर्ट लिमिटेड, स्टर्लिंग ऑयल रिसोर्स लिमिटेड और 170 से ज्‍यादा  शेल कंपनियाँ शामिल है।

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गौरतलब है कि भारतीय जाँच एजेंसियों के दबाव के बाद ब्रिटेन की पुलिस ने मंगलवार (19 मार्च 2019) को पीएनबी स्‍कैम का आरोपी नीरव मोदी को गिरफ्तार किया। जिसके बाद उसे बुधवार (20 मार्च 2019) को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की जिला न्यायाधीश मैरी माल्लोन की अदालत में पेश किया गया। जहाँ अदालत ने नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार करते हुए 29 मार्च तक के लिए हिरासत में भेज दिया है। इसी तरह ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी विजय माल्या को गिरफ्तार किया था, मगर बाद में जमानत मिल गई।

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