Thursday, July 29, 2021
Homeराजनीति'खून बहाने' की धमकी देने वाले कुशवाहा की पार्टी का अस्तित्व संकट में, सभी...

‘खून बहाने’ की धमकी देने वाले कुशवाहा की पार्टी का अस्तित्व संकट में, सभी विधायक JDU में शामिल

महागठबंधन ने उन्हें 5 सीटें दीं लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। कुशवाहा को ख़ुद उजियारपुर और काराकाट से बुरी हार मिली। काराकाट में जदयू के महाबली सिंह ने उन्हें 84,500 से भी अधिक मतों से मात दी।

बिहार में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अस्तित्व पर ही संकट के बादल मँडराने लगे हैं। लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस, राजद, वीआईपी और हम जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन के बावजूद इन सभी पार्टियों को बुरी हार का सामना करना पड़ा। ख़ुद रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही सीटों से हार गए। कुशवाहा ने मतगणना से पहले इच्छित परिणाम न आने पर ख़ून-ख़राबे की धमकी भी दी थी। रामविलास पासवान ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘जैसे को तैसा’ जवाब देने की बात कही थी। अब रालोसपा के सारे विधायक और विधान पार्षद जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए हैं

रालोसपा के 2 विधायक और एक विधान पार्षद जदयू में शामिल हो गए। विधायक ललन पासवान, सुधांशु शेखर और विधान पार्षद संजीव सिंह श्याम के जदयू में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा हो गई है। दोनों विधायकों के जदयू में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी के विधायकों की संख्या बढ़ कर 73 हो गई है। बता दें कि 2015 विधानसभा चुनाव में राजद और जदयू, दोनों दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और राजद को 80 सीटें आई थीं। रालोसपा के ये सभी विधायक कुशवाहा के राजग छोड़ कर महागठबंधन में आने से नाराज़ थे।

नीतीश कुमार की जदयू ने इस लोकसभा चुनाव में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिनमें से उसे 16 पर जीत मिली। बिहार में राजग ने एक तरह से महागठबंधन का सफाया ही कर दिया। रालोसपा की स्थापना उपेंद्र कुशवाहा ने 2013 में जदयू से अलग होने के बाद की थी। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने 2014 में भाजपा के साथ मिलकर लोकसभा का चुनाव लड़ा था और पार्टी को तीनों सीटों पर विजय मिली थी।

उसके बाद उपेंद्र कुशवाहा को मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बनाया गया था लेकिन 2019 के चुनाव से ठीक पहले सीटों की संख्या को लेकर उनकी बात राजग से नहीं बनी और वे महागठबंधन का हिस्सा बन गए। महागठबंधन ने उन्हें 5 सीटें दीं लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। कुशवाहा को ख़ुद उजियारपुर और काराकाट से बुरी हार मिली। काराकाट में जदयू के महाबली सिंह ने उन्हें 84,500 से भी अधिक मतों से मात दी। वहीं उजियारपुर में कुशवाहा को बिहार भाजपा के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने पौने 3 लाख से अभी अधिक मतों से हराया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

रंजनगाँव का गणपति मंदिर: गणेश जी ने अपने पिता को दिया था युद्ध में विजय का आशीर्वाद, अष्टविनायकों में से एक

पुणे के इस स्थान पर भगवान गणेश ने अपनी पिता की उपासना से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिया था। इसके बाद भगवान शिव ने...

‘पूरे देश में खेला होबे’: सभी विपक्षियों से मिलकर ममता बनर्जी का ऐलान, 2024 को बताया- ‘मोदी बनाम पूरे देश का चुनाव’

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्ष एकजुटता पर बात करते हुए कहा, "हम 'सच्चे दिन' देखना चाहते हैं, 'अच्छे दिन' काफी देख लिए।"

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,723FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe