Homeराजनीति13+9 सीटों पर बीजेपी दे रही कड़ी टक्कर, केजरीवाल और कुर्सी के बीच पिक्चर...

13+9 सीटों पर बीजेपी दे रही कड़ी टक्कर, केजरीवाल और कुर्सी के बीच पिक्चर अभी बाकी है!

रुझानों में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है, जोकि अभी तक 57 सीटों पर आगे चल रही है। लेकिन 13 सीटों पर बीजेपी ने भी बढ़त बना रखी है। साथ ही...

दिल्ली विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। हर किसी की निगाहें परिणाम पर टिकी हुई हैं। भले ही रुझानों में आम आदमी पार्टी को बहुमत मिलता दिख रहा है, जोकि अभी तक 57 सीटों पर आगे चल रही है। लेकिन 13 सीटों पर बीजेपी ने भी बढ़त बना रखी है। साथ ही कॉन्ग्रेस और अन्य के खाते में एक भी सीट जाती हुई नहीं दिख रही। वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया अपनी विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज से पीछे चल रहे हैं।

13 सीटों (जहाँ BJP आगे है) के अलावा दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की करीब 9 सीटें ऐसी हैं, जहाँ बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच काँटे का टक्कर चल रहा है। इन सीटों पर बढ़त का अंतर एक हजार वोटों से कम का है। इनमें विश्वास नगर विधानसभा, सीलमपुर, आदर्श नगर, द्वारका, हरिनगर, किराड़ी, कालकाजी, नजफगढ़, मुंडका, ओखला, शालीमार बाग शामिल है।

कौन-कौन सी सीटों पर बीजेपी फिलहाल आगे

  • विश्वास नगर से ओपी शर्मा आगे
  • मुस्तफाबाद से जगदीश प्रधान आगे
  • किराड़ी से अनिल झा आगे
  • शकूरबस्ती से एससी वत्स आगे
  • पटपड़गंज से रविंदर सिंह नेगी आगे
  • करावलनगर से मोहन सिंह बिष्ट आगे
  • उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी आगे
  • जनकपुरी से आशीष सूद आगे
  • बवाना से रविंदर कुमार आगे
  • मुंडका से मास्टर आजाद सिंह आगे
  • शालीमार बाग से रेखा गुप्ता
  • त्रिनगर से तिलक राम गुप्ता आगे
  • मंडीपुर से कैलाश संकला आगे
  • दिल्ली कैंट से मनीष सिंह आगे
  • जंगपुरा से इंप्रीत सिंह बख्शी आगे
  • कालकाजी धर्मबीर सिंह आगे
  • ओखला से ब्रहम सिंह आगे
  • लक्ष्मी नगर से अभय वर्मा आगे
  • कृष्णा नगर से अनिल गोयल आगे
  • शाहदरा से संजय गोयल आगे
  • गोकलपुर से रंजीत सिंह आगे
  • घोंडा से अजय महावर आगे

8 मुस्लिम बहुल इलाकों का हाल: कौन आगे, कौन पीछे – मुस्तफाबाद में समीकरण गड़बड़ाया

कॉन्ग्रेस नेता ने डेढ़ घंटे में ही मान ली हार, ट्वीट कर ‘पहली फुरसत’ में निकल लिए

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कब्रें बेचीं, हिंदुओं की संपत्ति वक्फ की और डिलीट कर दीं फाइल्स: UP के शिया वक्फ बोर्ड में ₹1000 करोड़ के घोटाले का दावा,...

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के मुताबिक, पूरा घोटाला 1000 करोड रुपए का है। इसमें कुछ हिंदू और कथित बेनामी संपत्तियों को भी वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज करने का मामला भी शामिल है।

जंतर-मंतर पर ‘बेटी चुप कराओ’, झारखंड में बेटियों का जिक्र तक नहीं: दो प्रदर्शनों में ‘द वायर’ का दो एजेंडा, केंद्र पर सवाल तो...

'द वायर' का एजेंडा साफ है। जंतर-मंतर प्रदर्शन में मोदी सरकार ने महिलाओं को टारेगट किया और झारखंड मसले पर अत्याचारों का जिक्र तक नहीं किया।
- विज्ञापन -