Tuesday, July 23, 2024
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पटाखे फोड़ना है गैर-इस्लामिक, पटाखों का व्यवसाय करना है हराम: देवबंद से फतवा जारी

"दूसरे क्या कर रहे हैं, ये हमारी चिंता नहीं हैं, लेकिन मुस्लिमों के लिए ये हराम हैं। पटाखे फोड़ने का उल्लेख किसी भी धार्मिक किताब में नहीं हैं। इनमें आग लगाना ऐसा है जैसे अपने पैसों में आग लगाई जा रही हो।"

उत्तर प्रदेश के देवबंद में दिवाली से कुछ दिन पहले अब्दुल वकील कासमी नामक एक मौलाना ने फतवा जारी कर पटाखे फोड़ना गैर इस्लामिक बताया है और साथ ही पटाखों का व्यवसाय करके मिलने वाले लाभ को हराम करार दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ये मौलाना अब्दुल वकील कासमी इत्तेहाद उलेमा-उल-हिंद के राज्य सचिव हैं। इनका कहना है, “दूसरे क्या कर रहे हैं, ये हमारी चिंता नहीं हैं, लेकिन मुस्लिमों के लिए ये हराम हैं। पटाखे फोड़ने का उल्लेख किसी भी धार्मिक किताब में नहीं हैं। इनमें आग लगाना ऐसा है जैसे अपने पैसों में आग लगाई जा रही हो। ये पैसा शिक्षा जैसी बेहतर चीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।”

खास बात ये है कि ये फतवा दिवाली से कुछ दिन पहले ही आया है। ताकि मुस्लिम हिन्दू त्यौहारों में शिरकत करने से दूर रहें। लेकिन ये जानने वाली बात है कि पटाखे शब-ए-बारात में भी बहुत स्तर पर इस्तेमाल होते हैं।

शब-ए-बारात वो दिन होता है, जब मुस्लिम साल में एक बार अपने खुदा से गुनाहों के लिए माफी माँगते हैं और पूरी रात मिठाई बाँटी जाती है और पटाखे जलाए जाते हैं।

गौरतलब है कि इत्तहाद-अल-हिंद का फतवा जारी करने का अलग ही इतिहास रहा है। अभी हाल ही में इसी संस्थान के उपाध्यक्ष ने नुसरत जहां पर निशाना साधा था, जब उन्होंने हिंदू परिवार में शादी की थी और हिंदू त्यौहारों को भी मनाया था।

नुसरत पर मौलाना का कहना था कि दुर्गा पूजा आदि करना गैर-इस्लामिक है। अगर नुसरत को ये सब करना है तो उन्हें अपना नाम और धर्म बदल लेना चाहिए क्योंकि बतौर मुसलमान वो दुर्गा पूजा आदि में शामिल नहीं हो सकतीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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