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फेसबुक, ट्विटर और गूगल पर ट्रंप ने किया केस: टेक दिग्गजों ने अकाउंट कर दिया था बैन

इस साल 6 जनवरी को कैपिटल हिल हिंसा के बाद ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया था। बाद में इन कंपनियों ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिग्गज टेक कंपनियों गूगल (यूट्यूब), फेसबुक और ट्विटर के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पर भी अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने और सेंशरशिप को लेकर केस किया गया है। ट्रंप ने कहा है कि इन कंपनियों ने गलत तरीके से उन्हें प्रतिबंधित किया।

फेसबुक, गूगल और ट्विटर ने इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है। ट्रंप की ओर से अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में केस दायर किया गया है। उन्होंने न्यू जर्सी गोल्फ कोर्स के बेडमिनस्टर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “हम इस प्रतिबंध को समाप्त करने, बोलने से रोकने, ब्लैकलिस्टिंग, हटाने और प्रतिबंधित करने की प्रक्रियाओं को रोकने की माँग करते हैं और आप सब इसे अच्छी तरह से जानते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए ऐतिहासिक जीत हासिल करेंगे।” गौरतलब है कि इसी साल 6 जनवरी 2021 को अमेरिका की कैपिटल हिल पर हिंसा के बाद ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया था। इसके बाद ट्रंप यूएस प्रेसिडेंसियल इलेक्शन 2020 को लेकर बयानबाजी जारी रखी। इसके बाद इन कंपनियों ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था।

ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हेरफेर का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि वे चुनाव में जीते हैं और गलत तरीके से उन्हें हराया गया है। हालाँकि खुद उनके द्वारा नियुक्त अटॉर्नी जनरल में मतदान में गड़बड़ी से इनकार किया था।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई राजनेता लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि ट्विटर, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों उन्हें मिले सुरक्षा कवच (कानून) का उल्लंघन कर रहे हैं। ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया दिग्गज कंपनियों को कई देशों में पक्षपातपूर्ण नीतियों के कारण आलोचना, पेनाल्टी का सामना करना पड़ रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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