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‘बीवियों की साड़ियाँ जलाओ’: विपक्ष के ‘इंडिया आउट’ अभियान पर बांग्लादेश की PM शेख हसीना का पलटवार, बोलीं – भारतीय मसालों के बिना पका खाना खाकर दिखाओ

शेख हसीना ने दावा किया कि 'इंडिया आउट' अभियान चलाने वाले नेता और उनकी पत्नियाँ भारत से साड़ियाँ खरीद कर उन्हें बांग्लादेश में बेचती थीं।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वहाँ की विपक्षी पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘इंडिया आउट’ कैम्पेन पर जम कर बरसी हैं। इस्लामी मुल्क में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) भारत के खिलाफ अभियान चला रही है। वहीं शेख हसीना, जिन्होंने हाल ही में लगातार चौथा चुनाव जीता है, वो भारत के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्तों के लिए जानी जाती हैं। शेख हसीना को अक्सर साड़ी में देखा जाता है और उन्होंने विपक्ष पर हमले के लिए इसी पहनावे का इस्तेमाल किया गया।

शेख हसीना और उनकी ‘आवामी लीग’ पार्टी के विरोधी अक्सर उन्हें प्रो-इंडिया साबित करने में लगी है। इनका दावा है कि जनवरी 2024 में हुए चुनावों में ‘आवामी लीग’ की जीत में भारत की भूमिका है। इसके बाद उन्होंने भारतीय उत्पादों के बहिष्कार को लेकर अभियान छेड़ दिया। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद कुछ दिनों तक शेख हसीना चुप रही, लेकिन अब उन्होंने BNP को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने पूछा है कि BNP नेताओं की पत्नियाँ कितनी साड़ियाँ पहनती हैं?

शेख हसीना ने कहा कि BNP के नेता भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की बात कर रहे हैं, उसमें वो अपनी बीवियों को क्यों नहीं ले जा रहे हैं। शेख हसीना की ये बात सुन कर वहाँ मौजूद लोग हँस पड़े। उन्होंने चुनौती दी कि BNP के नेता अपनी पार्टी के दफ्तर के सामने अपनी बीवियों की साड़ियाँ जलाएँ, तभी ये अच्छी तरह साबित होगा कि वो भारतीय उत्पादों के बहिष्कार को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि ये नेता और उनकी पत्नियाँ भारत से साड़ियाँ खरीद कर उन्हें बांग्लादेश में बेचती थीं।

उन्होंने बताया कि जब BNP सत्ता में थी तब तब उन्होंने देखा था कि उसके नेताओं की बीवियाँ समूह में विमान से भारत जाती थीं और भारतीय साड़ियाँ खरीदती थीं। इसके बाद वो बांग्लादेश में इन साड़ियों को बेचती थीं। उन्होंने बताया कि ये औरतें भारत से मसाले भी लाती थीं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भारत से मसलों का आयात करते हैं, प्याज, लहसुन और अदरक समेत कई खाने की वस्तुएँ लेते हैं। उन्होंने पूछा कि BNP के नेता अपने घरों में भारतीय मसलों के बिना भोजन क्यों नहीं पकता?

शेख हसीना ने कहा कि इन विपक्षी नेताओं को भारतीय मसालों के बिना बना हुआ भोजन करना चाहिए। बता दें कि मालदीव की तर्ज पर ही बांग्लादेश में ये अभियान शुरू किया गया था। तेल, प्रोसेस्ड फ़ूड, बाथरूम के सामान, मेकअप की वस्तुएँ और कपड़ों समेत कई भारतीय वस्तुओं को ढाका के बाजार में दुकानदारों ने लेना बंद कर दिया था। यूरोप-अमेरिका में रहने वाले बांग्लादेशियों प्रवासियों ने ‘इंडिया आउट’ अभियान का नेतृत्व किया। हालाँकि, इसका अधिकतर प्रभाव सोशल मीडिया तक ही सीमित रहा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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