Monday, June 17, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयCOVAXIN को मिली WHO से मंजूरी, अब दुनियाभर में लगेगी भारत की कोरोना वैक्सीन

COVAXIN को मिली WHO से मंजूरी, अब दुनियाभर में लगेगी भारत की कोरोना वैक्सीन

''डब्ल्यूएचओ द्वारा दुनियाभर के नियामक विशेषज्ञों से बने तकनीकी सलाहकार समूह ने यह निर्धारित किया है कि कोवैक्सीन टीका कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए संगठन के मानकों को पूरा करता है। इस वैक्सीन का लाभ जोखिम से कहीं अधिक है और वैक्सीन का उपयोग दुनिया भर में किया जा सकता है।''

भारत की कोरोना कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंजूरी दे दी है। अब इस कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया भर में हो सकेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेक्निकल एडवाइजरी समूह की ओर से यह सिफारिश सिर्फ 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए की गई है। बताया जा रहा है कि डब्ल्यूएचओ के टेक्निकल एडवाइजरी समूह (TAG) ने भारत बायोटेक की इस वैक्सीन के लिए इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) की सिफारिश कर दी थी। इसके बाद संगठन ने यह फैसला लिया।

दरअसल, टीएजी एक स्वतंत्र सलाहकार पैनल है, जो डब्लूएचओ को सिफारिशें प्रदान करता है। यह बताता है कि क्या EUL प्रक्रिया के तहत किसी कोरोना वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी जा सकती है या नहीं? विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने बयान में कहा, ”डब्ल्यूएचओ द्वारा दुनियाभर के नियामक विशेषज्ञों से बने तकनीकी सलाहकार समूह ने यह निर्धारित किया है कि कोवैक्सीन टीका कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए संगठन के मानकों को पूरा करता है। इस वैक्सीन का लाभ जोखिम से कहीं अधिक है और वैक्सीन का उपयोग दुनिया भर में किया जा सकता है।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने डब्ल्यूएचओ से आपात इस्तेमाल की अनुमति मिलने पर बधाई देते हुए ट्वीट किया, ”यह समर्थ नेतृत्व की निशानी है, यह मोदी जी के संकल्प की कहानी है, यह देशवासियों के विश्वास की जुबानी है, यह आत्मनिर्भर भारत की दिवाली है। मेड-इन-इंडिया वैक्सीन को इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) प्रदान करने के लिए डब्ल्यूएचओ का धन्यवाद।”

वहीं, भारत बायोटेक ने कहा कि डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिलने के बाद देश अब कोवैक्सीन के आयात और प्रशासन के लिए अपनी नियामक अनुमोदन प्रक्रियाओं में तेजी ला सकते हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पावागढ़ की पहाड़ी पर ध्वस्त हुईं तीर्थंकरों की जो प्रतिमाएँ, उन्हें फिर से करेंगे स्थापित: गुजरात के गृह मंत्री का आश्वासन, महाकाली मंदिर ने...

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि किसी भी ट्रस्ट, संस्था या व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि इस पवित्र स्थल पर जैन तीर्थंकरों की ऐतिहासिक प्रतिमाओं को ध्वस्त करे।

रेड सिग्नल पार करने वाली ट्रेनों को भी रोक देता है कवच, फिर क्यों कंचनजंगा एक्सप्रेस से भिड़ गई मालगाड़ी: जानिए सब कुछ

न्यू जलपाई गुड़ी में हुए रेल हादसे के बाद कवच पर चर्चा चालू हो गई है। जिस रूट पर हादसा हुआ है, वहाँ अभी कवच सिस्टम नहीं लगा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -