Wednesday, May 19, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय कई दलितों ने अपनाया ईसाई धर्म: अब गटर और नाली साफ करवा रहा पाकिस्तान,...

कई दलितों ने अपनाया ईसाई धर्म: अब गटर और नाली साफ करवा रहा पाकिस्तान, छुआछूत और भेदभाव के शिकार

पाकिस्तान के कराची जैसे बड़े शहरों की नगरपालिका में भी ईसाईयों से ही साफ़-सफाई के काम कराए जाते हैं। उन्हें गन्दी नालियों में उतरने होते हैं और नंगे हाथ से ही कचरे को उठाना होता है। इसमें मल-मूत्र से लेकर प्लास्टिक बैग्स और अन्य कचरे शामिल होते हैं।

पाकिस्तान में धार्मिक स्वतंत्रता तो वैसे भी नहीं है लेकिन अब इसके और भी रूप सामने आ रहे हैं। वहाँ ईसाईयों से नाले और सीवर की साफ़-सफाई कराई जा रही है। असल में पाकिस्तान में कई दलितों ने ईसाई धर्म को अपना लिया था लेकिन दलित तब भी उनके अत्याचार से नहीं बच सके और उनसे नाले की साफ़-सफाई ही कराई जाती है। उन्हें मास्क और ग्लव्स तक भी नहीं दिए जाते हैं। पिछले दिनों पाकिस्तान में कई ईसाई सफाईकर्मियों की मौत हुई है।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित एक ख़बर में ऐसे ही एक ईसाई सफाईकर्मी एरिक जमशेद के बारे में बताया गया है, जिनके पूर्वजों ने हिन्दू धर्म छोड़ कर ईसाई मजहब अपना लिया था। उनके साथ वहाँ के बहुसंख्यक छुआछूत करते हैं। जुलाई 2019 में पाकिस्तान में फ़ौज ने समाचारपत्रों में एक एडवर्टाइजमेंट दी थी, जिसमें नाले की सफाई के लिए सफाईकर्मियों की बहाली की बात कही गई थी। इसमें केवल ईसाईयों को ही अप्लाई करने को कहा गया था। बाद में कुछ संस्थाओं द्वारा प्रदर्शन के बाद इसे हटा लिया गया।

पाकिस्तान के कराची जैसे बड़े शहरों की नगरपालिका में भी ईसाईयों से ही साफ़-सफाई के काम कराए जाते हैं। उन्हें गन्दी नालियों में उतरने होते हैं और नंगे हाथ से ही कचरे को उठाना होता है। इसमें मल-मूत्र से लेकर प्लास्टिक बैग्स और अन्य कचरे शामिल होते हैं। 2 करोड़ लोगों के इस महानगर में रोज 17500 लाख लिटर लिक्विड कचरा जमा होता है और अधिकतर इसे ही इसकी सफाई करते हैं। एक ईसाई सफाईकर्मी को तीन नाला साफ़ करने के बाद 500 रुपए से भी कम दिए जाते हैं।

एरिक अपने बेटे को बाहर एक स्कूल में भेजते हैं, ताकि वो सफाईकर्मियों वाले माहौल में न रहे। ये लोग जिस इलाक़े में रहते हैं, वहाँ मच्छरों से लेकर कॉकरोच तक बड़ी संख्या में रहते हैं और वहाँ साफ़-सफाई नहीं कराई जाती। कई भरे हुए गटर उस क्षेत्र में हैं। यहाँ तक कि उनके बच्चों को भी मजबूर किया जाता है कि वो अपने पिता का ही प्रोफेशन अपनाएँ और नालों की ही साफ-सफाई करें। जेम्स गिल नामक एक समाजिक कार्यकर्ता सरकार पर सफाईकर्मियों के भले के लिए दबाव डाल रहे हैं लेकिन अधिकतर सफाईकर्मी अशिक्षित और निरक्षर हैं, वो अपने लिए आवाज़ उठाना ही नहीं जानते।

प्रशासन इन सफाईकर्मियों को थोड़ा सा लालच भी देता है तो ये गटर में घुस कर साफ-सफाई करने को तैयार हो जाते हैं, क्योंकि ये उनकी ज़िंदगी चलाने का सवाल है। उन्हें खाने को नहीं मिलेगा तो वो ज़िंदा कैसे रहेंगे? इसीलिए सामाजिक कार्यकर्ताओं की गोलबंदी की सारी तरकीबें फेल हो जाती हैं। कई ईसाई सफाईकर्मी कहते हैं कि उनके पूर्वजों ने हिन्दू धर्म में भेदभाव से बचने के लिए ईसाई मजहब अपनाया लेकिन अब स्थिति और भी बदतर हो चली है।

उन्हें घंटों तक नालों और गटरों में घुस कर रहना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि समुदाय विशेष के लोगों को नालियों की साफ़-सफाई के लिए हायर नहीं किया गया। ऐसी कोशिशें भी हो चुकी हैं। लेकिन, वो सफाईकर्मी सड़कों पर झाड़ू लगाने के अलावा कुछ नहीं करते। वो नालियों में उतरने और गटर साफ़ करने को तैयार ही नहीं होते। घंटों नाले में रहने के कारण ईसाई सफाईकर्मियों का शरीर भी तमाम रोगों से घिर जाता है।

पाकिस्तान में हिन्दुओं और सिखों के साथ अक्सर बुरा व्यवहार होता है। हिन्दू शरणार्थियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता है। यूएन ने भी अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर चिंता जताई थी। हालाँकि, वहाँ के प्रधानमंत्री इन बातों से इनकार करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी स्ट्रेन’: कैसे कॉन्ग्रेस टूलकिट ने की PM मोदी की छवि खराब करने की कोशिश? NDTV भी हैशटैग फैलाते आया नजर

हैशटैग और फ्रेज “#IndiaStrain” और “India Strain” सोशल मीडिया पर अधिक प्रमुखता से उपयोग किया गया। NDTV जैसे मीडिया हाउसों को शब्द और हैशटैग फैलाते हुए भी देखा जा सकता है।

कॉन्ग्रेस टूलकिट का प्रभाव? पैट कमिंस और दलाई लामा को PM CARES फंड में दान करने के लिए किया गया था ट्रोल

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए एक नया टूलकिट सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से सुर्खियों में है। चार-पृष्ठ के दस्तावेज में पीएम केयर्स फंड को बदनाम करने की योजना थी।

₹50 हजार मुआवजा, 2500 पेंशन, बिना राशन कार्ड भी फ्री राशन: कोरोना को लेकर केजरीवाल सरकार की ‘मुफ्त’ योजना

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी में माता पिता को खोने वाले बच्‍चों को 2500 रुपए प्रति माह और मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
96,163FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe