Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीययू आर द बेस्ट… G7 में मिले मोदी-मेलोनी तो फिर ट्रेंड में आया Melodi,...

यू आर द बेस्ट… G7 में मिले मोदी-मेलोनी तो फिर ट्रेंड में आया Melodi, इतालवी PM बोलीं- आपकी तरह बनना चाहती हूँ, भारत के प्रधानमंत्री ने कहा- हमारी दोस्ती मजबूत

इस मुलाकात की तस्वीर मेलोनी ने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें दोनों हँसते नजर आए। मेलोनी ने ट्वीट कर लिखा, "इटली और भारत गहरी दोस्ती से जुड़े हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और दोस्ती की बात की। मेलोनी ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “आप बेस्ट हैं, मैं आपकी तरह बनना चाहती हूँ।”

पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान मेलोनी ने उनसे कहा कि आप बेस्ट हैं और मैं भी आपकी तरह बनने की कोशिश कर रही हूँ। जी-7 उन 7 देशों का समूह है, जिसमें इटली, फ्रांस, अमेरिका और दूसरे देश शामिल है। भारत इसका हिस्सा नहीं है, लेकिन 2019 से भारत को बतौर गेस्ट आमंत्रित किया जा रहा है।

इसी मुलाकात के दौरान दोनों ने मुलाकात की। इसकी तस्वीर मेलोनी ने सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसमें दोनों हँसते नजर आए।

मेलोनी ने ट्वीट कर लिखा, “इटली और भारत गहरी दोस्ती से जुड़े हैं।”

पीएम मोदी ने उनकी पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा, “आपसे सहमत हूँ, हमारी दोस्ती मजबूत होगी और लोगों को फायदा होगा।”

दोनों ने भारत-इटली संबंधों को बेहतर करने की बात कही। इस दौरान ग्लोबल साउथ और इंडो-पैसिफिक जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने इटली में भारतीय सेना के योगदान को याद करते हुए मेमोरियल की योजना का जिक्र किया। मेलोनी ने इसे मूल्य आधारित साझेदारी बताया और सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। इस मुलाकात से दोनों देशों के रिश्ते और गहरे होंगे। इस बैठक में दोनों देशों के पीएम ने भारत और इटली के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की और आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

गौरतलब है कि पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातों के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। दोनों के प्रशंसक Melodi नाम से अक्सर ट्वीट करते हैं, जिसमें दोनों नेता एक-दूसरे से बातचीत करते नजर आते हैं। हालाँकि कई बार ये पोस्ट बेहद मजाकिया भी होते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -