Monday, April 15, 2024
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‘Hindu Lives Matter’: UK, कनाडा, USA, ऑस्ट्रेलिया में बंगाल हिंसा के विरोध में प्रवासी भारतीयों ने किया विरोध-प्रदर्शन

कनाडा में रहने वाले भारतीय प्रवासियों ने भी कैलगरी और टोरंटो में विरोध प्रदर्शन किया। यहाँ एक पोस्टर में लिखा हुआ था, ‘पश्चिम बंगाल में हिन्दू नरसंहार बंद करो। अब बहुत हो चुका। भगवान से डरो।‘ एक अन्य पोस्टर में ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल का कसाई बताया गया।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद हिंसा शुरू है। दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। अब इन हत्याओं के विरोध में विभिन्न देशों में बसे प्रवासी भारतीयों ने विरोध प्रदर्शन किया है। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अपने अकाउंट पर इन प्रवासी भारतीयों के द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की फोटो शेयर की है।

यूनाइटेड किंगडम के बैसिंगस्टोक में भगवा झंडे और पोस्टर दिखाई दिए जिनमें ‘हिंदुओं के नरसंहार के विरुद्ध प्रदर्शन’ और ‘हिन्दू लाइव्स मैटर’ लिखा हुआ था।  

कनाडा में रहने वाले भारतीय प्रवासियों ने भी कैलगरी और टोरंटो में विरोध प्रदर्शन किया। यहाँ एक पोस्टर में लिखा हुआ था, ‘पश्चिम बंगाल में हिन्दू नरसंहार बंद करो। अब बहुत हो चुका। भगवान से डरो।‘ एक अन्य पोस्टर में ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल का कसाई बताया गया।

नाइजीरिया, ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न, जॉर्जिया के अटलांटा और टेक्सास के ह्यूस्टन में भी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस द्वारा समर्थित हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हुए।

एक प्रदर्शनकारी ने कहा की ये सभी प्रदर्शन पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के शासनकाल में हो रही हिंसाओं के खिलाफ है। बंगाल में राज्य सरकार हिंसा रोकने में असफल है जहाँ हिंदुओं की हत्याएँ, बलात्कार और उनका पलायन जारी है। प्रदर्शनकारी ने यह भी कहा की इस मामले पर कोई मीडिया कवरेज नहीं हो रहा है जबकि इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद से लगातार भाजपा कार्यकर्ता और उनके परिवार हिंसा के शिकार हो रहे हैं। अपनी जान की सुरक्षा के लिए भाजपा कार्यकर्ता और अन्य लोग असम पहुँच रहे हैं जहाँ धुबरी और अन्य क्षेत्रों में उन्हें राहत शिविरों में रखा जा रहा है। पलायन करने वाले लोगों की संख्या सैकड़ों में है।

बंगाल में केन्द्रीय राज्य मंत्री वी मुरलीधरन के काफिले पर भी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों के द्वारा हमला किया गया। न केवल भाजपा बल्कि सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने भी टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर यह भी आरोप है की हिंसा की रिपोर्ट को राज्यपाल तक पहुँचने से रोका जा रहा है।   

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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