Tuesday, June 25, 2024
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चाहे कर लो जितना प्रलाप, अरुणाचल प्रदेश हमेशा से हमारा हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा: चीन को भारत का दो टूक जवाब

पीएम मोदी के अरुणाचल दौरे के बाद चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग ज़ियाओगांग ने कहा था कि जिजांग (तिब्बत का भाषा में नाम) का दक्षिण का क्षेत्र चीन का पारम्परिक रूप से हिस्सा है। उन्होंने कहा था कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश को अवैध रूप से स्थापित किया है और बीजिंग इसे कभी नहीं मानेगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन जितना चाहे अरुणाचल पर प्रलाप कर सकता है, अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सदैव से भारत का हिस्सा है और आगे भी रहेगा। विदेश मंत्रालय ने चीन को यह जवाब हाल ही चीन के अरुणाचल को लेकर शोर मचाने के बाद दिया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन की अरुणाचल को लेकर टिप्पणियों के विषय में पूछे जाने पर कहा, “हम इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दें, हमने पहले भी इस मामले में बयान जारी किए हैं। चीन जितनी बार चाहे अपने फर्जी दावे इस बारे में कर सकता है, इससे हमारे इस स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आएगा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से भारत का हिस्सा था, है और रहेगा।”

विदेश मंत्रालय का यह बयान चीन के अरुणाचल प्रदेश को लेकर दावों के बाद आया है। यह दावे पीएम मोदी के अरुणाचल दौरे के बाद चालू हुए थे। चीन के विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश को लेकर फर्जी दावे किए हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण सेला सुरंग समेत तमाम परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया था। सेला दुनिया की सबसे ऊँचाई पर बनी सुरंग है। पीएम मोदी ने इस दौरान पूर्वोत्तर में किए गए अन्य विकास कार्यों का भी ब्यौरा दिया था।

पीएम मोदी के इस दौरे के बाद चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल झांग ज़ियाओगांग ने कहा था कि जिजांग (तिब्बत का भाषा में नाम) का दक्षिण का क्षेत्र चीन का पारम्परिक रूप से हिस्सा है। उन्होंने कहा था कि भारत ने अरुणाचल प्रदेश को अवैध रूप से स्थापित किया है और बीजिंग इसे कभी नहीं मानेगा।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब चीन अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ या उस पर अपना दावा जताता आया हो। चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश के इलाकों में घुसपैठ करता है और उसे तिब्बत का एक हिस्सा बताता है। वह अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों को ‘नत्थी वीजा’ देता है। चीन ने 1950 के दशक में बौद्धों को भगा कर तिब्बत पर कब्जा कर लिया था और अब उसका दावा है कि अरुणाचल उसी तिब्बत का एक हिस्सा है। भारत ने चीन को हमेशा इस मामले में कड़ा जवाब दिया है।

चीनी रक्षा मंत्रालय की इस टिप्पणी के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी स्पष्ट रूप से जवाब दिया था। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ” हमारे ध्यान में चीनी प्रवक्ता द्वारा की गई टिप्पणियाँ आई हैं। चीनी रक्षा अरुणाचल प्रदेश को लेकर बेतुके दावे कर रहा है। इस बारे में बार-बार एक ही तरह के दावे दोहराने से इस दावे को कोई सच नहीं मान लेगा। अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा ही रहेगा। अरुणाचल प्रदेश के निवासियों को हमारे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लाभ लगातार मिलता रहेगा।”

गौरतलब है कि चीन लद्दाख और उत्तराखंड वाले क्षेत्र में भी लगातार सीमा पर गड़बड़ी करता रहता है। वह लगातार इन हिस्सों को अपना बताने का दावा करता है। हालाँकि, भारत ने उसके सभी दावे नकारते हुए इन सभी इलाकों में सेना की मजबूत तैनाती कर रखी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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