Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयइजरायल-हमास युद्ध के बीच भारत का 'ऑपरेशन अजय', अब तक 918 की वतन वापसी:...

इजरायल-हमास युद्ध के बीच भारत का ‘ऑपरेशन अजय’, अब तक 918 की वतन वापसी: मोदी सरकार उठा रही है सारा खर्च

'ऑपरेशन अजय' भारत सरकार द्वारा इजरायल में फँसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है। यह अभियान 11 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ।

हमास के इजरायल पर हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया है। ‘ऑपरेशन अजय’ के माध्यम से भारतीयों को इजरायल से सुरक्षित निकाला जा रहा है। इजरायल के हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में रहने वाले लोगों में से अब तक 900 से अधिक लोगों को भारत लाया जा चुका है। कुल 18,000 भारतीय इजरायल में रहते हैं, हालाँकि, हिंसाग्रस्त इलाके से ही लोगों को निकाला जा रहा है।

इजरायल से आई चौथी उड़ान के यात्रियों को केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री जरनल (रिटायर्ड) वीके सिंह ने रिसीव किया और उनका स्वागत किया। इस उड़ान के माध्यम से 274 लोग भारत पहुँचे। इस समय से कुल 918 लोग वापस आ चुके हैं। सभी यात्रियों के साथ आगे की यात्रा के तालमेल के लिए उनके राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी लगातार एयरपोर्ट पर ही मौजूद हैं। विदेश मामलों के मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चौथी उड़ान की लैंडिंग की जानकारी दी।

क्या है ऑपरेशन अजय?

‘ऑपरेशन अजय’ भारत सरकार द्वारा इजरायल में फँसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है। यह अभियान 11 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ और पहले बैच में दो सौ से अधिक भारतीयों को इजरायल से भारत वापस लाया गया। 12 अक्टूबर को पहली उड़ान दिल्ली पहुँची थी। ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत, भारतीय वायुसेना ने इजरायल के लिए विशेष उड़ानें चलाई हैं। इन उड़ानों में भारतीय नागरिकों को इजरायल से भारत वापस लाया जा रहा है। अभी तक कुल चार उड़ानें भारत पहुँच चुकी हैं।

क्यों चलाया जा रहा है ‘ऑपरेशन अजय’?

ऑपरेशन अजय‘ इजरायल और हमास के बीच जंग के कारण चलाया जा रहा है। इस जंग के कारण इजरायल में सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उन्हें वापस लाने के लिए ऑपरेशन अजय शुरू किया है। इजरायल में लगभग 18,000 भारतीय रहते हैं। इजरायल में भारतीयों का सबसे बड़ा समुदाय तेल अवीव में है, जो इजरायल की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। तेल अवीव पर कुछ समय उड़ाने रुकी हुई थी, लेकिन अब लोगों को निकाला जा रहा है।

‘ऑपरेशन अजय’ को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा समन्वित किया जा रहा है। इस अभियान में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के जवान भी शामिल हैं। ‘ऑपरेशन अजय’ को भारतीय सरकार की एक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से भारत सरकार ने दिखाया है कि वो अपने नागरिकों को सुरक्षित रूप से वापस लाने में सक्षम है।

अब तक इतने लोग आ चुके हैं वापस

पहली फ्लाइट में कुल 212 लोगों को इजरायल से लाया गया। शनिवार को दूसरी फ्लाइट दिल्ली पहुँची थी, जिसमें 235 लोगों का समूह था। 197 लोगों के साथ तीसरी फ्लाइट आज सुबह ही पहुँची थी तो चौथी फ्लाइट में कुल 274 लोगों को लाया गया है। ये ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा, जबतक इजरायल से सभी 18,000 भारतीयों को सुरक्षित नहीं कर लिया जाता।

इजरायल पर हमास के हमले जारी

इजरायल पर गाजा पट्टी के आतंकवादी संगठन हमास के हमले में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी की नाकेबंदी कर दी है और वो अब हमास के सफाए का अभियान चला रहा है। लेकिन इजरायल पर अब भी हमास के आतंकी रॉकेटों से हमले कर रहे हैं। इजरायल पर वेस्ट बैंक, लेबनान के साथ ही सीरिया तक से रॉकेट बरसाए गए हैं। प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार हमास का खात्मा करने के बाद ही रुकेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -