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कोक, पेप्सी, मैकडॉनल्ड्स भी रूस में समेटेंगे अपना धंधा: यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच अमेरिका में टारगेट पर रूसी रेस्टोरेंट भी

इससे पहले गूगल, फेसबुक, ट्विटर, एप्पल और दक्षिण कोरिया की सैमसंग समेत कई अन्य कंपनियों ने भी रूस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वहाँ अपनी सेवाओं पर रोक लगा दिया था।

यूक्रेन के साथ जारी युद्ध (Russia Ukraine War) के बीच एक-एक कर अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ लगातार रूस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उस पर प्रतिबंध लगा रही हैं। इस कड़ी में अब अमेरिकी कंपनियों मैकडॉनल्ड्स, स्टारबक्स, कोका-कोला, पेप्सिको और जनरल इलेक्ट्रिक मोटर्स का भी नाम जुड़ गया है। मंगलवार (8 मार्च 2022) को इन सभी कंपनियों ने रूस से अस्थायी तौर पर अपने कारोबार को समेटने का ऐलान कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के शिकागो स्थित बर्गर कंपनी मैकडॉनल्ड्स ने कहा कि वो रूस में अपने 850 स्टोर्स को अस्थायी तौर पर बंद करेगी। हालाँकि कंपनी ने ये भी कहा कि वो अपने 62000 कर्मचारियों को उनकी सैलरी जरूर देती रहेगी। मैकडॉनल्ड्स के अध्यक्ष और सीईओ क्रिस केम्पकिंस्की ने एक ओपन लेटर में कर्मचारियों से कहा है, “हमारे मूल्यों का मतलब है कि हम यूक्रेन में मानवीय पीड़ा को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।” उन्होंने युद्ध के हालात को कंपनी के लिए असाधारण करार देते हुए कहा कि यह अनिश्चित है कि दोबारा कब स्टोर खुलेंगे।

इसी तरह से स्टार बक्स ने भी रूस में अपना कारोबार बंद करने का ऐलान किया है। हालाँकि, स्टारबक्स के अध्यक्ष और सीईओ केविन जॉनसन 2000 रूसी कर्मचारियों को पेमेंट जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं कोका-कोला, पेप्सिको औऱ जनरल इलेक्ट्रिक ने भी रूस में अपने कारोबार को समेटने का ऐलान कर दिया है। कोक की साझेदार, स्विट्जरलैंड स्थित कोका-कोला हेलेनिक बॉटलिंग कंपनी के पास रूस में 10 बॉटलिंग प्लांट हैं। कोका-कोला हेलेनिक बॉटलिंग कंपनी में कोक की 21% हिस्सेदारी है। पेप्सिको और जनरल इलेक्ट्रिक दोनों ने अपने रूसी कारोबार को आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा की है। एक बयान में पेप्सिको ने कहा कि वह दूध और बेबी फूड का उत्पादन करती रहेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले गूगल, फेसबुक, ट्विटर, एप्पल और दक्षिण कोरिया की सैमसंग (Samsung) समेत कई अन्य कंपनियों ने भी रूस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वहाँ अपनी सेवाओं पर रोक लगा दिया था।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर सुदूर अमेरिका में भी दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में रूसी रेस्टोरेंट को निशाना बनाया जा रहा है। मैनहट्टन में रूसी रेस्टोरेंट में फूड का ऑर्डर करने के बाद उसे कैंसिल कर दिया जा रहा है। इसके अलावा उसे ऑनलाइन निगेटिव मार्किंग दी जारी है। इसी तरह से रूसी रेस्टोरेंट को बड़ी संख्या में नेगेटिव ईमेल से निशाना बनाया जा रहा है। रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को फोन पर नाजी कहा जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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