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डेनमार्क की रानी का सर काटने की धमकी देने वाला मजहब विशेष का आरोपित गिरफ्तार

"अगर तुम एक मर्द हो तो सामने आओ, अगर तुमने कुरान की एक भी आयत को जलाने की कोशिश की तो मैं पूरे डेनमार्क के साथ तुम्हें भी जलाकर राख कर दूँगा।"

डेनमार्क के कोपेनहेगन में रहने वाले एक समुदाय विशेष के व्यक्ति को स्थानीय पुलिस ने स्वीडिश राजपरिवार को जान से मारने की धमकी देने के चलते गिरफ्तार किया। स्थानीय अदालत ने आरोपित व्यक्ति को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति समुदाय विशेष से ताल्लुक रखता है और लम्बे समय से वहाँ के राजपरिवार को धमकियाँ दे रहा था।

आरोपित सिलसिलेवार फेसबुक पोस्ट्स में डेनमार्क की रानी मार्गरेथ (द्वितीय) और उनके पूरे राजपरिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था। अपनी धमकी में उसने रानी का सर काटने की बात तक कही थी। स्वीडन में काम करने वाला यह आरोपित व्यक्ति कट्टरपंथी विचारों की तरफ झुकाव रखता है। एक समय यह कट्टरपंथी आरोपित स्वीडन के राजा और दक्षिणपंथी संगठन के संस्थापक कार्ल गुस्ताफ को भी जान से मारने की धमकी दे चुका है।

अपने फेसबुक पोस्ट में आरोपित ने लिखा था, “मैं रानी और उसके पूरे राजपरिवार की गर्दन काट कर धड़ से अलग कर दूँगा। मैंने पहले भी धमकी दी है कि गर्दन काटने से कम का तो कोई सवाल ही नहीं।” इसी तरह उस व्यक्ति ने 16 से 24 अक्टूबर के बीच कई ऐसी पोस्ट लिखीं, जो राजा कार्ल गुस्ताफ के लिए था। उसने लिखा, “अगर मुझे जल्दी उत्तर नहीं मिला तो समझना कि स्वीडिश पुलिस और सीमा बल के लिए यह मेरी आखिरी चेतावनी है, वरना अल्लाह की मर्ज़ी से मैं किसी की परवाह किए बगैर इस राजा का सर काट दूँगा, काट कर अलग कर दूँगा, फिर चाहे इसके लिए क्यों न मुझे अपना ही सर कटवाना पड़े।”

अपनी पोस्ट में उसने कार्ल द्वारा स्थापित दक्षिणपंथी संगठन के नेता रासमस पलादीन की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर तुम एक मर्द हो तो सामने आओ, अगर तुमने कुरान की एक भी आयत को जलाने की कोशिश की तो मैं पूरे डेनमार्क के साथ तुम्हें भी जलाकर राख कर दूँगा।” आपको बता दें कि दक्षिणपंथी संगठन के इसी नेता ने एक बार अभिव्यक्ति की आज़ादी मनाते हुए कुरान जला दी थी।

आरोपित शख्स की बीवी ने बताया कि उसका पति गाँजे के अत्यधिक सेवन से पागलपन का शिकार हो गया। दिन-प्रतिदिन बदलते उसके व्यवहार को देखकर उसकी पत्नी ने उसे किसी मनोचिकित्सक के पास जाने की हिदायत दी थी।

वहीं दूसरी ओर अपनी याचिका की सुनवाई के दौरान आरोपित ने सफाई देते झुए कहा कि वह इस्लाम का पालन कर रहा था। इन्हीं दलीलों के चलते अदालत ने अपनी असहमति जताते हुए उसे रिहा करने से इनकार कर 10 दिनों के लिए जेल भेज दिया। बता दें कि यह व्यक्ति स्वीडन का रहने वाला है मगर अपनी पत्नी और एक बेटी के साथ कोपेनहेगेन में रह रहा था। वह अपने काम पर जाने के लिए स्वीडन के माल्मो से रोज़ यात्रा किया करता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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