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ताईवान पर 39 गुना बढ़े चीनी साइबर हमले: विदेश मंत्रालय निशाने पर, भारत सरकार बहुत पहले लगा चुकी है चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध

ताईवान में लगभग सात दशकों से स्वतंत्र शासन है फिर भी चीन, ताईवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता रहा है। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने किसी देश पर साइबर हमला किया हो। चीन के द्वारा डाटा हैकिंग की संभावनाओं के चलते भारत सरकार कई चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है।

ताईवान विदेश मंत्रालय के कंप्यूटर सिस्टम में होने वाले चाइनीज साइबर हमलों की संख्या 2018 के मुकाबले 2020 में 39 गुना बढ़ गई है। ताईवान के ताईपेई टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष रोजाना लगभग 2100 साइबर हमले हुए और पूरे साल में कुल मिलकर 7,77,000 बार मंत्रालय के कंप्यूटर सिस्टम को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। 2018 में चाइनीज साइबर हमलों की यह संख्या 20,000 ही थी।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 2020 में हुए चाइनीज साइबर हमलों में से 4,10,000 हमले ताईवान विदेश मंत्रालय के कंप्यूटरों की जाँच करने के लिए हुए थे और 1,50,000 बार ईमेल सिस्टम को ब्रेक करने का प्रयास किया गया।

अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि चीन द्वारा किए जाने वाले हमले अब और भी खतरनाक होते जा रहे हैं। हालाँकि, चीनी हैकरों ने 2017 में मंत्रालय की सुरक्षित ई-मेल प्रणाली में सेंध लगाई थी, जिससे 10,000 ताइवानियों की व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो गई थी।

ताईवान में लगभग सात दशकों से स्वतंत्र शासन है फिर भी चीन, ताईवान पर पूर्ण संप्रभुता का दावा करता रहा है। ऐसे में चीन और ताईवान के मध्य विवाद होते रहते हैं। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने किसी देश पर साइबर हमला किया हो। चीन के द्वारा डाटा हैकिंग की संभावनाओं के चलते भारत सरकार कई चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगा चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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