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पाकिस्तान में चीनी इंजीनियर्स को ले जा रही बस में भीषण धमाका: 10 से ज्यादा की मौत, 39 घायल

इनमें 6 से 9 चीनी नागरिक, 2 सैन्यकर्मी समेत 13 लोगों के मौत की खबर आ रही है। 39 लोग घायल हैं। 1 चीनी इंजीनियर और एक फौजी को गायब कहा जा रहा है। मृतकों की संख्या आगे भी बढ़ सकती है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkwha) के ऊपरी कोहिस्तान में दसू हाइड्रपॉवर प्लांट (Dasu hydropower plant) के पास बुधवार (जुलाई  14, 2021) को कथिततौर पर एक आंतकी हमले में एक बस को बम ब्लास्ट में उड़ा दिया गया। धमाके के समय बस में कुछ चीनी इंजीनियर्स समेत कई मजदूर थे।

इनमें 6 से 9 चीनी नागरिक, 2 सैन्यकर्मी समेत 13 लोगों के मौत की खबर आ रही है। 39 लोग घायल हैं। 1 चीनी इंजीनियर और एक फौजी को गायब कहा जा रहा है। मृतकों की संख्या आगे भी बढ़ सकती है।

घटना की बाबत ऊपरी कोहिस्तान के उपायुक्त आरिफ खान यूसुफजई ने पाकिस्तानी मीडिया डॉन को अपना बयान दिया। उन्होंने बताया कि ये धमाका आज सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। उस समय एक बस में बरसीन कैंप से प्लांट साइट तक चीनी इंजीनियरों सहित 30 से अधिक श्रमिकों को ले जाया जा रहा था।

उपायुक्त ने इस बात की पुष्टि की कि बस में चीनी इंजीनियरों के अलावा कुछ सैन्यकर्मी और स्थानीय मजदूर भी थे। खैबर-पख्तूनख्वा के शीर्ष पुलिस अधिकारी महानिरीक्षक मोअज्जम जाह अंसारी ने 6 चीनी नागरिकों, 2 सैनिकों और 2 स्थानीय लोगों की मौत की पुष्टि की।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि धमाका इतना तेज था कि बस एक नाले में गिर गई और भारी नुकसान हुआ। एक चीनी नागिरक और एक जवान गायब हैं। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

इस बीच, जल और बिजली विकास प्राधिकरण (वापडा) ने अपना बयान जारी कर इस ब्लास्ट को एक ‘दुर्घटना’ करार दिया है। वापडा के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि भी नहीं की है कि बस में चीनी कर्मचारी यात्रा कर रहे थे। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव के प्रयास जारी हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है।

डॉन के मुताबिक एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि ब्लास्ट की वजह अभी पता नहीं चल पाई हैं। इलाके में चूँकि मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहे थे इसलिए ये जानकारी जुटा पाना मुश्किल हो गया है। अधिकारी का कहना है कि वह स्पष्ट नहीं है कि असलियत में क्या हुआ। ये पता चलना बाकी है कि ये विस्फोट हुआ है या कोई दुर्घटना है। प्रारंभिक जाँच में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।

बता दें कि दसू जलविद्युत परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का हिस्सा है, जो बीजिंग की बेल्ट एंड रोड पहल के तहत 65 अरब डॉलर की निवेश योजना है, जिसका उद्देश्य पश्चिमी चीन को दक्षिणी पाकिस्तान में ग्वादर समुद्री बंदरगाह से जोड़ना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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