Thursday, May 23, 2024
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‘मारना और मरना चाहता हूँ, रसूल अल्लाह की भी यही कामना’ – पाकिस्तानी डॉक्टर अमेरिका में अरेस्ट

पाकिस्तानी डॉक्टर अमेरिका में एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (SMP) पर बात करता था। लेकिन धरा गया क्योंकि जिसे वो ISIS का आतंकी मानकर अपना सारा प्लान बता रहा था, उसने खुद ही गवाही दी।

आईएसआईएस की मदद करने की कोशिश और हमले की इच्छा व्यक्त करने के मामले में एक पाकिस्तानी डॉक्टर अमेरिका में गिरफ्तार किया गया। अमेरिका के मिनेसोटा जिला अटॉर्नी एरिका मैक्डोनल्ड और राष्ट्रीय सुरक्षा सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन डेमर्स ने जानकारी दी कि मोहम्मद मसूद (28) आईएसआईएस के प्रति वफादार है। जनवरी और मार्च के बीच मसूद ने कई बयान दिए और आतंकवादी समूह के लिए लड़ने के लिए पाकिस्तानी डॉक्टर अमेरिका से सीरिया जाने की भी इच्छा जता चुका था।

अधिकारियों ने बताया कि मसूद ने अमेरिका में ‘लोन वुल्फ’ (मतलब अकेले ही आतंकी घटना को अंजाम देना) आतंकवादी हमले करने की भी मंशा जताई थी। मसूद को मिनियापोलिस-सेंट पॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। मसूद पाकिस्तान का एक लाइसेंसधारी चिकित्सक है और वह एच1 बी वीजा के तहत मिनेसोटा में एक मेडिकल क्लीनिक के लिए अनुसंधान समन्वयक के तौर पर भी काम कर चुका है।

FBI ने जनवरी 2020 में एक जाँच शुरू की। यह एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (SMP) यूजर ‘BB’ द्वारा आईएसआईएस को सामग्री व समर्थन प्रदान करने की योजना बनाने से संबंधित खोजबीन थी। यूजर BB ने आईएसआईएस ग्रुप और उसके नेता के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने के लिए हिजड़ा (माइग्रेशन) बनाने में सहायता का अनुरोध किया था। बाद में जाँच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि ‘BB’ नाम का यूजर कोई और नहीं बल्कि डॉक्टर मसूद ही था।

पाकिस्तानी डॉक्टर अमेरिका में ऐसे फँसा

अभियोजकों का कहना है कि अदालत के हलफनामे में दिए गए तथ्य, दो विश्वसनीय गोपनीय ह्यूमन सोर्स द्वारा प्रदान की गई जानकारी पर आधारित हैं। जिनकी पहचान गुप्त रखने के लिए “CHS-1” और “CHS-2” के रूप में संदर्भित किया गया है। BB इन दोनों गवाहों CHS-1 और CHS-2 को ISIS का सदस्य मानता था। दोनों गवाहों द्वारा दी गई जानकारी में कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ बातचीत की रिकॉर्डिंग और एफबीआई के विशेष एजेंटों द्वारा की कई समीक्षाएँ शामिल हैं। इसके अलावा BB के अन्य लोगों के साथ की गई बातचीत के कंप्यूटर रिकॉर्ड भी हैं।

24 जनवरी 2020 को, BB ने CHS-1 से संपर्क किया और CHS-1 के साथ खिलाफत (इस्लामी खिलाफत) और अल-दावला अल-इस्लामिया (इस्लामिक राज्य) पर चर्चा की। BB ने CHS-1 को बताया कि वो हिजड़ा इसलिए बनाना चाहता है ताकि उसे काफिरों के सामने झूठमूठ के हँसने से आजादी मिले। और वो ऐसा सिर्फ इसलिए करता था ताकि किसी को उस पर शक न हो।

बीबी ने आईएसआईएस और उसके नेता के प्रति निष्ठा या ‘बयात’ (निष्ठा की शपथ) की शपथ ली और संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर ‘लोन वुल्फ’ हमलों को अंजाम देकर सीरिया की यात्रा करने और आईएसआईएस के लिए लड़ने की अपनी इच्छा को कबूल किया।

मसूद की गिरफ्तारी से पहले बीबी की “CHS-1” और “CHS-2” के साथ कई बार बातें हुईं। BB का मानना था कि “CHS-1” और “CHS-2” दोनों आईएसआईएस के सदस्य थे, जो उसकी सीरिया की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में मदद करेंगे। रिकॉर्डिंग में BB उन दोनों को ‘भाइयों’ के रूप में संदर्भित करता है। उसने कहा कि वो मुजाहिदीन की मदद करना चाहता है। BB ने कहा था, “मेरे जैसे इंसान को कहीं और नहीं बल्कि अग्रिम पंक्ति में होना चाहिए।” BB ने CHS-1 को समझाया कि वह हिजड़ा बनाना चाहता था क्योंकि वह कफ़र (काफिर) पर मुस्कुराने से नफरत करता है, ताकि उन्हें शक न हो। बातचीत के दौरान वह आत्मघाती ड्रोन बनाने की भी बात कहता है।

25 जनवरी 2020 को मसूद (BB) के साथ एक बातचीत में CHS-1 ने मसूद से कहा, “मैं भाइयों से बात करूँगा और मैं हिजड़ा प्रक्रिया अखी (भाई या मेरा भाई, दो मुस्लिम पुरुषों के बीच संबंध का एक शब्द) पर काम करना शुरू कर दूँगा।” मसूद ने इस पर सहमति जताते हुए कहा, “ठीक है इंशाअल्लाह।” इसके बाद BB ने CHS-1 से पूछा कि क्या “भाइयों ने उसके लिए यात्रा की कोई व्यवस्था की है।” मसूद बिना किसी शक के हिजड़ा बनाना चाहता था और अमेरिकी अधिकारियों से अपने असली इरादों को छिपा रहा था।

इस तरह बनाई गई थी योजना

मसूद ने आगे बताया कि उसे ISIS में शामिल होने के लिए हथियारों के प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही उसने छोटे ड्रोन के उपयोग पर चर्चा की, जिसे ऑनलाइन खरीदा जा सकता है और इसे सीरिया या संयुक्त राज्य अमेरिका में उपयोग के लिए ‘इत्तिशादी’ (शहीद या आत्महत्या) ड्रोन में तब्दील किया जा सकता है।

वह चाहता था कि उसका अंतिम गंतव्य सीरिया हो, क्योंकि उसका मानना ​​था, “क़ियामह (फैसले का दिन) बहुत करीब हो सकता है… और इंशाअल्लाह मैं उस सेना का हिस्सा बनना चाहता हूँ जो डबिक या अमाक में रम से मिलती है। इंशाअल्लाह… क्योंकि अगर आप जिहाद नहीं करते हैं और जिहाद करने का इरादा नहीं रखते हैं तो आप निफ़ाक (पाखंड) की डाल पर मर जाते हैं।” बता दें कि डबिक और अमाक एक लड़ाई है, जो जिहादी विचारधारा में अंतिम समय से पहले होती है।

“मैं मारना और मरना चाहता हूँ”

CHS-1 ने मसूद से कहा, “आप हिजड़ा अखी को दावला करने जा रहे हैं और आपको लोगों को मारना पड़ सकता है और यह आपके और आपके ईमान के लिए महत्वपूर्ण क्षण है। इसलिए आपको यह अखी करना पड़ सकता है और मैं नहीं चाहता कि आप यह सोचें कि अखी ने आपकी कुछ ऐसी मदद की, जिसके बारे में आप निश्चित नहीं हैं।” मसूद ने इसका जवाब देते हुए कहा, “अखी”, “मैं मारना और मरना चाहता हूँ… मारना और मरना चाहता हूँ, बार-बार चाहता हूँ। रसूल अल्लाह सास ने भी यही कामना की है (अल्लाह के दूत की यही इच्छा है) यहाँ तक कि अल्लाह ने कहा कि वाल्का यासिमुका मिन नाज़ (और अल्लाह तुम लोगों की रक्षा करेगा)।”

CHS-1 से बातचीत के दौरान ही उसने अमेरिका में ‘लोन वुल्फ’ हमले का भी जिक्र किया। साथ ही उसने यह भी जानने की कोशिश की कि आईएसआईएस में विदेशी लड़ाकों की भर्ती किस तरह से की जाती है। FBI ने बताया कि मसूद, पॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (MSP) से लॉस एंजिल्स के लिए उड़ान भरने से पहले वह एक व्यक्ति से मिलने जा रहा था, जो संभवतः सीरिया में आईएसआईएस क्षेत्र में कार्गो जहाज से यात्रा करने में मदद कर सकता था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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