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कृषि कानूनों के खिलाफ जर्मनी में कॉन्ग्रेस के विरोध प्रदर्शन में फहराए गए पाकिस्तानी झंडे: BJP का दावा

सुरेश नखुआ ने राज शर्मा के नाम का उल्लेख किया था, जो कथित रूप से इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस के एक पदाधिकारी हैं। नखुआ ने यह भी कहा था कि IOC ने हाल ही में ‘किसान विरोध प्रदर्शन’ के लिए 1 करोड़ रुपए दान किए थे।

मुंबई के बीजेपी प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने आरोप लगाया है कि जर्मनी में इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस द्वारा नए भारतीय कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में पाकिस्तानी झंडा फहराया गया था। यह कार्यक्रम दिसंबर 2020 के महीने में आयोजित किया गया था।

सुरेश नखुआ ने राज शर्मा के नाम का उल्लेख किया था, जो कथित रूप से इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस के एक पदाधिकारी हैं। नखुआ ने यह भी कहा था कि IOC ने हाल ही में ‘किसान विरोध प्रदर्शन’ के लिए 1 करोड़ रुपए दान किए थे।

इंडियन ओवरसीज कॉन्ग्रेस का दावा है कि उनके सदस्य उस समय मौजूद नहीं थे जब पाकिस्तानी झंडा फहराया गया था। वो इससे पहले ही वे वहाँ से चले गए थे। हालाँकि, नखुआ का दावा है कि उनके पास इसका वीडियो सबूत है, जिसे वह जल्द ही जारी करेंगे।

‘किसान विरोध प्रदर्शन’ ने भारतीय राष्ट्रीय हितों को कमजोर करने और विदेशों में भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए दुनिया भर में भारत को बदनाम करने का काम किया।

ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए टूलकिट ने भारत के खिलाफ वैश्विक अभियान के षणयंत्रों का खुलासा किया था। पॉपस्टार रिहाना ने एक ट्वीट भी किया था, जिसका कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने हालिया रैली में समर्थन किया था।

दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टूलकिट के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि दिशा ने टूलकिट को एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शेयर किया फिर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई। उन्होंने कहा कि टूलकिट को विश्वस्तर पर फैलाने की योजना थी और इसमें गलत जानकारियाँ दी गईं थीं।

इस टूलकिट का संबंध खालिस्तानी संगठन Poetic Justice Foundation (पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन) से है और इस टूलकिट को चार फरवरी को बनाया गया था। टूलकिट में ‘भारत की पहचान योग और चाय’ की छवि को नुकसान पहुँचाने से लेकर दूतावासों को भी नुकसान पहुँचाने की बात है। इससे भारत की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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