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लाखों का रेप, करोड़ों का कत्लेआम… 1971 में पाकिस्तान ने खून तो बहाया, लेकिन करतूतों को लिए नहीं माँग रहा माफी: बांग्लादेश माँग रहा ₹3.75 लाख करोड़ का मुआवजा, मंत्री बोला – मामला पहले ही सुलझ चुका

पाकिस्तान ने बांग्लादेश से 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए नरसंहार के लिए माफी माँगने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्री डार के ढाका दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि ये मामला पहले ही सुलझा लिया गया है। बांग्लादेश ने 1971 से पहले अविभाजित पाकिस्तान की संपत्ति को लेकर 3.75 लाख करोड़ की क्षतिपूर्ति की माँग की है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के बांग्लादेश दौरे के बीच ‘संबंध सुधारने की कोशिश’ को धक्का लगा है। ढाका ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हुए अत्याचारों के लिए माफी माँगे। उस वक्त पाकिस्तानी सेना ने लाखों बांग्ला भाषी नागरिकों की हत्या कर दी थी और अनगिनत महिलाओं के साथ बलात्कार किया था। लेकिन पाकिस्तान ने माफी माँगने से साफ इनकार कर दिया है।

1971 के युद्ध के मुद्दे पर पाकिस्तान बोला

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार (23 अगस्त 2025) को ढाका दौरे पर आए डार ने कहा, “1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान पहले ही हो चुका है। 1974 में और फिर 2002 में।” उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले समझौतों और प्रयासों से इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है।

ढाका ने माँगा 3.75 लाख करोड़ की क्षतिपूर्ति

यूनुस की अंतरिम सरकार में विदेश मंत्री तौहीद हुसैन ने डार के बयान को खारिज कर दिया। ढाका ने पाकिस्तान से अनुरोध किया कि वह 1971 के दौरान पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में हुए अत्याचार के लिए माफी माँगे।आपको बता दें कि बांग्लादेश की आजादी के वक्त युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने सामूहिक नरसंहार किया था और हजारों महिलाओं के साथ बलात्कार किया था। यूनुस सरकार ने पाकिस्तान से ‘अविभाजित पाकिस्तान’ की 1971 से पहले की संपत्ति में से बांग्लादेश को उसका हिस्सा यानी3.75 लाख करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति की माँग की।

बांग्लादेश में 1971 का दर्द आज भी गहरा है। पाकिस्तानी सेना ने रक्तपात मचाया था जिसमें लाखों लोग मारे गए और अनगिनत महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ। आधिकारिक माफी की माँग ढाका की विदेश नीति में शामिल है। हर बार जब दोनों देशों के बड़े नेता मिलते हैं तो ये माँग की जाती है। इस बार पाकिस्तानी विदेश मंत्री डार ने इस मुद्दे को ‘ऐतिहासिक रूप से सुलझा लेने’ की बात कही है। जबकि बांग्लादेश के विदेश मंत्री हुसैन इससे सहमत नहीं दिख रहे हैं।

तनाव के बावजूद समझौतों पर हस्ताक्षर

इन मतभेदों के बावजूद, दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौते किए। इनमें आधिकारिक और राजनयिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा आवश्यकता से छूट, व्यापार समझौता, विदेश सेवा संस्थानों के बीच सहयोग, राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के बीच सहयोग और थिंक टैंकों के बीच सहयोग शामिल हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर भी सहमति बनी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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