Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपंजशीर में जंग जारी: 600 तालिबानियों को मौत के घाट उतारने का दावा, 1000...

पंजशीर में जंग जारी: 600 तालिबानियों को मौत के घाट उतारने का दावा, 1000 से ज्यादा ने टेके घुटने

“पंजशीर के विभिन्न जिलों में सुबह से अब तक करीब 600 तालिबान का सफाया हो चुका है। 1,000 से अधिक तालिबानियों को पकड़ लिया गया है या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है।”

अफगानिस्तान के पूर्वोत्तर प्रांत पंजशीर में कब्जे के लिए तालिबान और नेशनल रजिस्टेंस फोर्स के बीच लड़ाई जारी है। नॉर्दर्न एलायंस ने रविवार (सितंबर 5, 2021) को दावा किया कि पंजशीर घाटी से तालिबान का सफाया कर दिया गया है और कम से कम 1,000 तालिबानियों को पकड़ लिया गया है।

नॉर्दर्न एलायंस के प्रवक्ता फहीम दशती ने ट्वीट किया, “पंजशीर के विभिन्न जिलों में सुबह से अब तक करीब 600 तालिबान का सफाया हो चुका है। 1,000 से अधिक तालिबानियों को पकड़ लिया गया है या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है।” प्रवक्ता ने आगे कहा कि तालिबान को अन्य अफगान प्रांतों से आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।

इस बीच, क्षेत्र में बारूदी सुरंगों की मौजूदगी के कारण पंजशीर रजिस्टेंस फोर्स के खिलाफ तालिबान का आक्रमण धीमा हो गया है। तालिबान के एक सूत्र ने कहा कि पंजशीर में लड़ाई जारी है, लेकिन राजधानी बाजारक और प्रांतीय गवर्नर के परिसर की ओर जाने वाली बारूदी सुरंगों की वजह से आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है।

वहीं तालिबान का दावा है कि उसने पंजशीर के चार जिलों पर कब्जा कर लिया है। तालिबान के प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा, “हमने पंजशीर प्रांत के सात में से चार जिले हमारे कब्जे में आ चुके हैं। हम अब पंजशीर की ओर बढ़ रहे हैं।”

गौरतलब है कि पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह और नॉर्दन एलायंस के नेता अहमद मसूद ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि तालिबान ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि तालिबान की ओर से फोन, इंटरनेट और बिजली लाइनों को बंद करने से परिस्थितियाँ कठिन हैं। अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति सालेह ने कहा कि दोनों पक्षों में हताहत हुए हैं। उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम एक मुश्किल स्थिति में हैं। हम पर तालिबान का हमला हुआ है। हमारी सेना आत्मसमर्पण नहीं करेगी।”

बता दें कि पंजशीर नेशनल रजिस्टेंस फोर्स का गढ़ है, जिसका नेतृत्व पूर्व अफगान गुरिल्ला कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद और अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह कर रहे हैं, जिन्होंने खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -