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PM मोदी को 31वीं बार मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान, स्वीडन ने ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से नवाजा: जानिए इस यात्रा से भारत को कैसे पहुँचेगा लाभ

यूरोपीय देश नीदरलैंड के बाद स्वीडन पहुँचे पीएम मोदी के दौरे पर दुनिया की नजर है। स्वीडन के साथ व्यापार, तकनीक, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे कई मुद्दों पर नए समझौते होने की उम्मीद है। यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौता जल्द लागू होने वाला है। स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा।

स्वीडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया है। यह किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार के प्रमुख को दिया जाने वाला स्वीडन का सर्वोच्च शाही सम्मान है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाला यह 31वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। ये सम्मान भारत की 140 करोड़ जनता का भी है, जैसा पीएम अक्सर बोलते हैं। इन सबसे अहम ये है कि पीएम मोदी के इन दौरों ने भारत को कितना फायदा हुआ।

पीएम मोदी के दौरे से देश को फायदा

यूरोपीय देश नीदरलैंड के बाद स्वीडन पहुँचे पीएम मोदी के दौरे पर दुनिया की नजर है। स्वीडन के साथ व्यापार, तकनीक, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे कई मुद्दों पर नए समझौते होने की उम्मीद है। यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौता हो चुका है। ऐसे में स्वीडन और भारत अगले 5 सालों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने पर सहमत हो गए हैं।

साइबर सुरक्षा, एआई प्रबंधन, सेमीकंडक्टर और संयुक्त नौसेना अभ्यास पर सहमत हैं। यूरोपीय यूनियन के साथ भारत का मदर ऑफ ऑल डील्स को लागू करने पर भी सहमति बन गई है।

यूरोपीय देशों और अमेरिका के संबंधों में हाल में आई कड़वाहट के बाद यूरोपीय देश भारत जैसे देशों से उम्मीद कर रहे हैं। स्वीडन के साथ भारत के संबंध पहले से ही गहरे हैं। ऐसे में ये नई ऊँचाईयों को छू सकता है। यूरोपीय यूनियन के साथ भारत के मुक्त व्यापार डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जाता है। इसका स्वीडन पहले से अहम हिस्सा है। इस साल ये लागू होने वाला है।

इसके बाद व्यापार में काफी तरक्की होगी। भारतीय ज्वैलरी, चमड़े, कपड़े से लेकर दूसरे क्षेत्रों में एक बड़ा बाजार मिलने जा रहा है। स्वीडन से टेक्नोलॉजी भारत आएँगे।

हाई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में फायदा– स्वीडन दुनिया के सबसे इनोवेटिव देशों में एक माना जाता है। उसके साथ समझौते से भारत को एआई, साइबर सिक्योरिटी, ऑटोमेशन और डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग मिलेगा। भारतीय स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों को यूरोपीय बाजार तक पहुँच आसान हो जाएगी।

रक्षा सहयोग- स्वीडन की कंपनियां एडवांस डिफेंस टेक्नोलॉजी में मजबूत हैं। फाइटर जेट, रडार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और रक्षा निर्माण में सहयोग से भारत को फायदा होगा। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त उत्पादन को लेकर भी पीएम मोदी के यात्रा के दौरान सहमति बन गई है।

ग्रीन एनर्जी और क्लीन टेक- स्वीडन ग्रीन टेक्नोलॉजी में काफी आगे है। भारत के साथ सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, वेस्ट मैनेजमेंट,कार्बन कटौती तकनीक में सहयोग मिल सकता है।

निवेश और रोजगार– स्वीडिश कंपनियाँ भारत में मैन्युफैक्चरिंग और टेक सेक्टर में निवेश बढ़ाएँगी। इससे रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा और रिसर्च– भारत में दुनिया की नामी-गिरामी यूनिवर्सिटी अपना ब्रांच खोल रही हैं। ऐसे में भारतीय छात्रों और रिसर्च संस्थानों को स्वीडिश यूनिवर्सिटीज के साथ साझेदारी का भी फायदा मिल सकता है। इससे विज्ञान, हेल्थ सेक्टर और क्लाइमेट रिसर्च में सहयोग बढ़ सकता है।

स्वीडन के साथ मजबूत रिश्ते से भारत की यूरोप में राजनीतिक और आर्थिक स्थिति और मजबूत होती है। यह चीन के प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।

गुटेनबर्ग में पीएम मोदी की बातचीत

गुटेनबर्ग में पीएम मोदी ने भारत-स्वीडन के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने टेक्नोलॉजी, इनोवेशन , हरित विकास और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की बात कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत दुनिया के साथ मिलकर भविष्य की नई साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहता है।” दोनों नेताओं ने आपसी व्यापार और निवेश को पांच साल में दोगुना करने का लक्ष्य भी तय किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और स्वीडन जैसे लोकतंत्रों के बीच घनिष्ठ सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारत ने तनाव को सुलझाने और चुनौतियों का सामना करने के साधन के रूप में संवाद और कूटनीति पर लगातार जोर दिया है।

भारत और स्वीडन सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद स्वीडन के प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने भारत के रुख का समर्थन किया था।

पीएम मोदी ने कहा, ” सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और मोबिलिटी समझौतों के क्षेत्रों में भी हमारे सहयोग ने एक नई दिशा ली है। इसके अलावा, भारत-EU व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद ने हमारी साझेदारी को और मजबूत किया है। सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत आज एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।”

पीएम मोदी का भव्य स्वागत

स्वीडन पहुँचने पर प्रधानमंत्री मोदी का बेहद भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। उनकी सुरक्षा के लिए स्वीडन के आसमान में स्वीडिश फाइटर जेट्स एस्कॉर्ट कर रहे थे। मोदी 8 साल बाद स्वीडन पहुँचे हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 में स्वीडन का दौरा किया था।

प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी के लिए स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन खुद हवाई अड्डे पर पहुँचे। होटल पहुँचने पर बांग्ला रीति रिवाज के मुताबिक आरती की गई और रंगारंग कार्यक्रम हुआ।

पीएम मोदी को मिला 31वाँ इंटरनेशनल सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाते हुए एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जो भारतीय इतिहास में अब तक किसी अन्य नेता को नहीं मिला। 2014 में प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी को पहला वैश्विक सम्मान 2016 में मिला था। यह सऊदी अरब ने दिया था, इसके बाद 2026 तक आते-आते उनके लिए सम्मानों की झड़ी लग गई। अब तक उन्हें 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जा चुका है।

  • सऊदी अरब: ऑर्डर ऑफ किंग अब्दुल अजीज (3 अप्रैल 2016)
  • अफगानिस्तान: ऑर्डर ऑफ अमानुल्लाह खान (4 जून 2016)
  • फिलिस्तीन: ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन (10 फरवरी 2018)
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE): ऑर्डर ऑफ जायद (24 अगस्त 2019)
  • रूस: ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू (घोषणा 2019, प्राप्त 2024 में किया)
  • मालदीव: ऑर्डर ऑफ इज्जुद्दीन (8 जून 2019)
  • बहरीन: किंग हमद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां (24 अगस्त 2019)
  • अमेरिका: लीजन ऑफ मेरिट (21 दिसंबर 2020) – डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रदान किया गया।
  • भूटान: ऑर्डर ऑफ द ड्रैगन किंग (दिसंबर 2021)
  • फिजी: कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी (मई 2023)
  • पापुआ न्यू गिनी: ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू (मई 2023)
  • मिस्र: ऑर्डर ऑफ द नाइल (जून 2023)
  • फ्रांस: ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर (जुलाई 2023)
  • ग्रीस: ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर (अगस्त 2023)
  • नाइजीरिया: ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर (17 नवंबर 2024)
  • डोमिनिका: डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर (20 नवंबर 2024)
  • गुयाना: ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ गुयाना (20 नवंबर 2024)।
  • कुवैत: ऑर्डर ऑफ मुबारक द ग्रेट (22 दिसंबर 2024)
  • बारबाडोस: ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस (5 मार्च 2025)
  • मॉरीशस: ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन (11 मार्च 2025)
  • श्रीलंका: श्रीलंका मित्र विभूषण (5 अप्रैल 2025)
  • साइप्रस: ऑर्डर ऑफ मकारियोस III (16 जून 2025)
  • घाना: ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना (2 जुलाई 2025)
  • त्रिनिदाद और टोबैगो: ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद और टोबैगो (4 जुलाई 2025)
  • ब्राजील: ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस (8 जुलाई 2025)
  • नामीबिया: ऑर्डर ऑफ द वेलवित्सचिया (9 जुलाई 2025)
  • इथियोपिया: ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया (16 दिसंबर 2025)
  • ओमान: ऑर्डर ऑफ ओमान (18 दिसंबर 2025)
  • इजरायल: मेडल ऑफ द नेसेट (25 फरवरी 2026)- पीएम मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले विश्व नेता बने।
  • स्वीडन: ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ सम्मान

इसके अलावा दक्षिण कोरिया का सियोल शांति पुरस्कार), संयुक्त राष्ट्र (चैंपियंस ऑफ द अर्थ) जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक निकायों के सम्मान भी शामिल हैं, जिन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च मान्यता दी है।

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रुपम
रुपम
रुपम के पास 20 साल से ज्यादा का पत्रकारिता का अनुभव है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा। जी न्यूज से टेलीविज़न न्यूज चैनल में कामकाज की शुरुआत। सहारा न्यूज नेटवर्क के प्रादेशिक और नेशनल चैनल में टेलीविज़न की बारीकियाँ सीखीं। सहारा प्रोग्रामिंग टीम का हिस्सा बनकर सोशल मुद्दों पर कई पुरस्कार प्राप्त डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया। एडिटरजी डिजिटल हिन्दी चैनल में न्यूज एडिटर के तौर पर काम किया।

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