Thursday, July 25, 2024
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आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के खालिस्तानी एजेंडे के समर्थन में उतरा पाकिस्तान, उल्टा भारत पर ही मढ़ा बदनाम करने का आरोप

SFJ का संस्थापक और आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू सालों से भड़काऊ भाषण देता आ रहा है। वह 26 जनवरी की उस घटना से सीधे तौर पर जुड़ा था, जिसमें उसने सिख युवाओं से लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए उकसाया था। हाल ही में एसएफजे ने फिरोजपुर में पीएम मोदी के काफिले की नाकेबंदी की जिम्मेदारी ली थी।

पाकिस्तान सरकार के मुखपत्र रेडियो पाकिस्तान ने गुरुवार (12 जनवरीस 2022) को एक और भारत विरोधी प्रोपेगेंडा शुरू किया और प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस (Sikh For Justice)’ का पक्ष लिया। रेडियो पाकिस्तान ने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में दावा किया कि भारत सिख फॉर जस्टिस को ‘बदनाम’ करने के लिए प्रोपेगेंडा चला रहा है।

हाल ही में भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई खुफिया जानकारी के आधार पर जर्मन अधिकारियों ने सिख फॉर जस्टिस के आतंकवादी जसविंदर सिंह मुल्तानी को गिरफ्तार किया था। वह लुधियाना कोर्ट विस्फोट में शामिल था। रेडियो पाकिस्तान ने यह कहकर एसएफजे का बचाव करने की कोशिश की कि उसने आतंकी हमले से खुद को दूर कर लिया है। पाकिस्तान ने आगे दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन ने खालिस्तान आंदोलन को आतंकवादी के रूप में लेबल करने के भारत के नैरेटिव को अस्वीकार कर दिया था।

SFJ ने इमरान खान को कई बार समर्थन के लिए लिखा है

उल्लेखनीय है कि सिख फॉर जस्टिस ने खालिस्तान आंदोलन को आधिकारिक रूप से समर्थन देने के लिए कई मौकों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। हाल ही में स्वर्ण मंदिर लिंचिंग मामले से ठीक दो दिन पहले SFJ के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर एसएफजे को ‘मुक्त पंजाब’ और ‘खालिस्तान’ बनाने के लिए समर्थन करने के लिए लिखा था।

16 दिसंबर को खान को लिखे पत्र में आतंकवादी संगठन SFJ ने खुद को ‘मानवाधिकार वकालत समूह’ कहा था। जनमत संग्रह का समर्थन माँगते हुए पत्र में उसने लिखा है, “SFJ इस सवाल पर अपना पहला वैश्विक गैर-सरकारी खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कर रहा है कि ‘क्या भारतशासित पंजाब को एक स्वतंत्र देश होना चाहिए’?”

उल्लेखनीय है कि हाल ही में SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने नई धमकी देते हुए ऐलान किया कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। प्रतिबंधित संगठन ने इसके लिए ‘इनाम’ के रूप में $1 मिलियन डॉलर (7.39 करोड़ रुपए) देने की घोषणा की है। इसके अलावा सिख फॉर जस्टिस की तरफ से एक पोस्टर भी जारी किया गया है, जिसमें पीएम मोदी की तस्वीर भी है। उस पर लिखा गया है कि 26 जनवरी को पीएम मोदी के तिरंगे को ब्लॉक करके खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। 

गुरपतवंत सिंह पन्नू का भारत विरोधी दुष्प्रचार

गौरतलब है कि SFJ का संस्थापक और आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू सालों से भड़काऊ भाषण देता आ रहा है। वह 26 जनवरी की उस घटना से सीधे तौर पर जुड़ा था, जिसमें उसने सिख युवाओं से लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराने के लिए उकसाया था। 26 जनवरी को पवित्र सिख चिन्ह के साथ लाल किले पर दो झंडे फहराए गए थे। हाल ही में एसएफजे ने फिरोजपुर में पीएम मोदी के काफिले की नाकेबंदी की जिम्मेदारी ली थी। सुप्रीम कोर्ट के कई अधिवक्ताओं ने हाल ही में रिपोर्ट किया था कि उन्हें यूके से एसएफजे के कार्यकर्ताओं से धमकी भरे फोन आए थे, जिसमें उन्होंने शीर्ष अदालत को मामले को न ले जाने की चेतावनी दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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