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‘कट्टरपंथ और आतंक मौजूद… इस्लाम का चीनीकरण होना जरूरी’ – राष्ट्रपति जिनपिंग की बात पर कम्युनिस्ट नेता ने लगाई मुहर

चीन के शिनजियांग प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी के मुखिया मा शिंगरुई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, "शिनजियांग के भीतर इस्लाम का चीनीकरण होना अवश्यंभावी है, यह बात सभी जानते हैं।" उन्होंने कहा कि शिनजियांग में अब भी कट्टरपंथ और आतंक मौजूद है।

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के एक नेता ने कहा है कि चीन के भीतर इस्लाम का चीनीकरण होना बहुत जरूरी है और यह होकर रहेगा। उसने यह बात चीन के मुस्लिम आबादी वाले राज्य शिनजियांग को लेकर कही जहाँ चीन लम्बे समय से दमनकारी नीतियाँ अपनाता आया है।

चीन के शिनजियांग प्रांत के कम्युनिस्ट पार्टी के मुखिया मा शिंगरुई (Ma Xingrui) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, “शिनजियांग के भीतर इस्लाम का चीनीकरण होना अवश्यंभावी है, यह बात सभी जानते हैं।” उन्होंने कहा कि शिनजियांग में अब भी कट्टरपंथ और आतंक मौजूद है।

शिंगरुई ने यह बात शिनजियांग को लेकर की गई विशेष मीडिया ब्रीफिंग में कही जहाँ इस प्रान्त के लिए किए गए कामों को बताया जा रहा था। रायटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से तय बातें दोहराई गईं और इसी प्रांत में उइगर मुस्लिमो पर होने वाले अत्याचारों को छुपाया गया।

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने इस्लाम को लेकर ऐसी बात कही हो। इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी इस्लाम के चीनीकरण की बात कही थी। वह मात्र इस्लाम ही नहीं बल्कि ईसाइयत और बौद्ध धर्म के चीनीकरण की बात दोहराते आए हैं।

इसका तात्पर्य इस्लाम या अन्य धर्म को इस तरीके से डिजाइन करना है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के हित प्रभावित ना हों। कम्युनिस्ट पार्टी का कहना है कि लोग धर्म से ऊपर पार्टी को रखें।

गौरतलब है कि शिनजियांग प्रांत में चीन लम्बे समय से अत्याचार करता आया है। यहाँ लगभग 16,000 मस्जिदों को ढहाया जा चुका है या उनके रूप में बदलाव कर दिया गया है। यहाँ मुस्लिमों को उनकी धार्मिक मान्याताओं को मानने की भी पूरी इजाजत नहीं है।

उन्हें उनकी मजहबी मान्यता के विरुद्ध सुअर का मांस खिलाया जाता है। यह सब कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार और पदाधिकारियों की देखरेख में होता है। चीन पर आरोप है कि उसने इस राज्य में 10 लाख से अधिक मुस्लिमों को बंदी बनाया हुआ है। इसके अलावा मुस्लिमों को यहाँ सजाएँ दी जा रही हैं। उनके पहनावे और जीवनशैली को बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें रमजान के महीने में रोजा नहीं रखने दिया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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