Thursday, June 20, 2024
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बुरहान और हरदान की लड़ाई में 270 की मौत: सूडान से भारतीयों को निकालने में मदद करेगा UAE-सऊदी, S जयशंकर ने कॉन्ग्रेस को लताड़ा – ऐसे मामलों पर न करें राजनीति

सूडान में कर्नाटक के 31 लोग अल-फशेर नाम के स्थान पर फँसे हुए हैं। हक्की पिक्की जनजाति से ताल्लुक रखने वाले ये लोग काफी गरीब हैं।

अफ्रीकी देश सूडान में सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेस (RSF) के बीच संघर्ष अब भी जारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सूडान के मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर के हवाले से जानकारी दी है कि लड़ाई में अब तक 270 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 2600 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की खबर है। मरने वालों में एक भारतीय अल्बर्ट ऑगस्टाइन भी शामिल है।

सूडान में सत्ता के लिए 2 जनरलों के बीच छिड़े युद्ध की वजह से लोग घरों में दुबके हुए हैं। नागरिक लूटपाट और बिजली कटौती का दावा कर रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब और यूएई से संपर्क साधा है। चारों देश सूडान में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साऊदी अरब और यूएई के अपने समकक्षों से बात की है। दोनों देशों ने भारत को जमीनी सतह पर अपना समर्थन देने की बात कही है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके जरिए अधिकारी खार्तूम स्थित दूतावास से लगातार संपर्क में हैं। खार्तूम और देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे भारतीयों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। सुरक्षा कारणों से भारतीयों का लोकेशन शेयर नहीं किया जा रहा है। सूडान में भारतीय दूतावास ने सोमवार (18 अप्रैल) को एक नई एडवाइजरी जारी की। एडवाइजरी में भारतीयों से अपने घरों में रहने और बाहर न निकलने की अपील की गई है। कहा गया है कि भारतीय आवश्यकता पड़ने पर अपने पड़ोसियों से मदद लें लेकिन सड़कों पर न निकलें।

सूडान में कर्नाटक के 31 लोग अल-फशेर नाम के स्थान पर फँसे हुए हैं। हक्की पिक्की जनजाति से ताल्लुक रखने वाले ये लोग काफी गरीब हैं। फँसे लोगों में से एक प्रभु एस ने इंडियन एक्सप्रेस से फोन पर बात करते हुए कहा कि उनपर लाखों का कर्ज है, जिससे छुटकारा पाने के लिए अपनी पत्नी को लेकर सूडान पहुँचे थे। 10 महीने पहले ही वे लोग सूडान पहुँचे थे। टिकट का बंदोबस्त भी कर्ज लेकर किया था। अल-फशेर में फँसे अनिल कुमार ने कहा कि हम अच्छी जिंदगी की तलाश में सूडान पहुँचे थे।

बता दें कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धारमैया ने सूडान में फँसे भारतीयों को लेकर ट्वीट किया था। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फटकार लगाई थी और इस मामले को लेकर राजनीति न करने की सलाह दी थी।

रिपोर्टों के अनुसार सूडान में लगभग 4 हजार भारतीय रहते हैं। इनमें सबसे अधिक गुजरात के लोग हैं जिनकी संख्या 1200 के करीब है। वे लगभग 150 साल पहले सूडान में जाकर बस गए थे। इन लोगों का संबंध सौराष्ट्र और आस पास के जिलों से है। ‘आज तक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूडान जाने वाले पहले भारतीय लवचंद अमरचंद शाह हैं जो 1860 में ही सूडान पहुँचे थे। भारतीय समुदाय के लोग सूडान के ओमजुरमैन, कसाला, गेडारेफ, और वाडमदनी जैसे स्थानों पर बसे हुए हैं।

बता दें कि खार्तूम समेत अन्य शहरों में पिछले चार दिनों से जारी संघर्ष 24 घंटों के लिए रोका गया है। यूएन और दूसरे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के हस्तक्षेप के बाद संघर्ष विराम को लेकर सेना और अर्धसैनिक बलों में सहमति बनी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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