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पाकिस्तान में मारा गया आतंकी बशीर अहमद, भारत में था मोस्ट वॉन्टेड: जिस शहर में है Pak फ़ौज का मुख्यालय, वहीं ‘अज्ञात लोगों’ ने गोलियों से भून दिया

बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा 4 अक्टूबर, 2022 को मृतक इम्तियाज पर UAPA के तहत केस दर्ज करते हुए उसे आतंकी के तौर पर लिस्टेड किया गया था।

पाकिस्तान के रावलपिंडी में भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी इम्तियाज आलम उर्फ बशीर अहमद पीर के मारे जाने की खबर है। इम्तियाज़ प्रतिबंधित आतंकी समूह हिजबुल मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य था जो वहाँ नंबर तीन कमांडर की हैसियत रखता था। सोमवार (20 फरवरी, 2023) को कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसे एक दुकान के आगे गोलियों से भून दिया। भारतीय सुरक्षा बलों को उसकी कई आतंकी हमलों में तलाश थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों की संख्या 2 बताई जा रही है। घटना के दौरान शाम के समय इम्तियाज एक दुकान के आगे खड़ा था। गोलियाँ बरसाने के बाद हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में इम्तियाज को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। हमलावरों ने आतंकी इम्तियाज को मार गिराने के लिए पॉइंट ब्लैक रेंज के हथियारों का प्रयोग किया था।

न्यूज़ 18 के मुताबिक इम्तियाज़ के क़त्ल की वजह पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की आपसी खींचातान और पैसों का बँटवारा है। पैसों के इस विवाद के पीछे पाकिस्तान में खस्ताहाल हो चुकी अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक जिम्मेदार बताई जा रही है।

बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा 4 अक्टूबर, 2022 को मृतक इम्तियाज पर UAPA के तहत केस दर्ज करते हुए उसे आतंकी के तौर पर लिस्टेड किया गया था। वह मूल रूप से कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला था। मृतक इम्तियाज़ न सिर्फ हिज्बुल मुजाहिदीन बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के लिए भी आतंकियों की भर्ती सहित उनके प्रचार-प्रसार के काम में शामिल था। इम्तियाज़ जम्मू कश्मीर में शरिया कानून लागू करने के नाम पर युवाओं को भड़काया करता था।

साल 2007 में पाकिस्तानी फ़ौज की इंटेलिजेंस विंग ने इम्तियाज़ को गिरफ्तार भी कर लिया था। हालाँकि, बाद में वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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