Monday, November 29, 2021
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‘कथित धर्मनिरपेक्ष’ हसीना सरकार जिहादियों के खिलाफ करे कार्रवाई: तुलसी गबार्ड ने की बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की निंदा

"जिहादियों को लगता है कि मंदिरों को जलाने और नष्ट करने से अल्लाह खुश होगा। ए सी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की मूर्ति को अपवित्र करना दर्शाता है कि वे वास्तव में भगवान से कितने दूर हैं।"

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए पूर्व अमेरिकी महिला कॉन्ग्रेस की तुलसी गबार्ड ने बुधवार (20 अक्टूबर 2021) को हसीना सरकार से जिहादी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। तुलसी गबार्ड ने कहा, “यह बांग्लादेश की ‘कथित धर्मनिरपेक्ष’ सरकार का कर्तव्य है कि वह अपने देश के अल्पसंख्यकों, जिनमें हिंदू, ईसाई और बौद्ध शामिल हैं, को जिहादी ताकतों से बचाए।”

गबार्ड ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों में भगवान के भक्तों के प्रति इस तरह की नफरत और हिंसा देखकर मेरा दिल टूट गया। उन्होंने कहा कि जिहादियों को लगता है कि मंदिरों को जलाने और नष्ट करने से अल्लाह खुश होगा। ए सी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की मूर्ति को अपवित्र करना दर्शाता है कि वे वास्तव में भगवान से कितने दूर हैं। उन्होंने आगे कहा, “ईश्वर प्रेम है और उसके सच्चे सेवक संसार में उस प्रेम को मूर्त रूप देते हैं।”

12 से 17 अक्टूबर के बीच, बांग्लादेश में कई मंदिरों, हिंदू घरों पर हमला किया गया था। दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में नवरात्री पंडालों पर हमले का दौर शुरू हुआ और हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को तबाह किया जाने लगा। पंडाल ध्वस्त कर डाले गए। फिर मंदिरों को निशाना बनाया गया। कई इलाकों में एकतरफा दंगा फैल गया। मुस्लिम भीड़ ने फिर हत्याओं और बलात्कार का दौर शुरू कर दिया, जिसके पीड़ित हिन्दू रहे। बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ने कहा कि दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले पूर्व नियोजित थे।

बताया गया था कट्टरपंथी इस्लामी समूह से जुड़े कुछ बदमाशों ने जब पंडाल में गार्ड सो रहा था, उस वक्त भगवान हनुमान की मूर्ति पर कुरान रखा था। इससे व्यापक हिंसा भड़क गई थी। 15 अक्टूबर को कट्टरपंथी मुस्लिमों की एक उन्मादी भीड़ ने बांग्लादेश के चटगाँव डिवीजन के नोआखली जिले में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) मंदिर पर हमला किया था। यह नृशंस हमला कट्टरपंथी मुस्लिमों द्वारा ईशनिंदा के बहाने दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़ करने के कुछ दिनों बाद हुआ है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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