Thursday, May 26, 2022
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मुस्लिम लड़ाकों के खिलाफ सूअर की चर्बी वाली गोलियाँ, यूक्रेन की सेना ने शेयर किया वीडियो: बोला ट्विटर- नियम का उल्लंघन, पर हटाएँगे नहीं

रमजान कादिरोव चेचन गणराज्य के प्रमुख हैं। कादिरोव खुद को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पैदल सैनिक के रूप में बताते हैं, और कहा जाता है कि उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में अपने लड़ाकों को भेजा है।

यूक्रेन के नेशनल गार्ड ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें दावा किया गया है कि नेशनल गार्ड के अज़ोव लड़ाकों ने रूसी पक्ष से लड़ने वाले चेचन बलों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली अपनी गोलियों को सुअर की चर्बी में डुबोया है। जो ट्वीट किया गया है उसमें लिखा है, “नेशनल गार्ड के आज़ोव सेनानियों ने कादिरोव orcs👊 के खिलाफ गोलियों को चर्बी से ग्रीस किया।”

यह ट्वीट रविवार (27 फरवरी) की शाम 06:50 बजे किया गया।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच, कई समाचार आउटलेट्स ने बताया है कि चेचन लड़ाकों को भी तैनात किया गया है।

चेचन लड़ाके कौन हैं?

चेचन्या जॉर्जिया के उत्तर में स्थित एक रूसी गणराज्य है। चेचन सेना चेचेन्या की रक्षा के लिए तैनात सैन्य बल हैं। चेचन्या एक स्वतंत्र रिपब्लिक नहीं है बल्कि रूसी कानूनों और विनियमों के अधीन है। इनमें अधिकतर मुस्लिम हैं।

रमजान कादिरोव चेचन गणराज्य के प्रमुख हैं। कादिरोव खुद को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पैदल सैनिक के रूप में बताते हैं, और कहा जाता है कि उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में अपने लड़ाकों को भेजा है।

चेचन बलों को दुनिया में सबसे हिंसक और क्रूर सैनिकों में से एक माना जाता है, जिसमें कई रिपोर्टों का दावा है कि उनमें से कई आईएसआईएस के सदस्य थे। कई स्रोतों ने यह भी संकेत दिया है कि वे यूक्रेन में अपनी तैनाती के बाद कीव की ओर बढ़ रहे हैं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें यूक्रेनी सेनाओं के भयंकर विरोध का सामना करना पड़ा है, और उनमें से कई मारे गए, जिनमें उनके जनरल मैगोमेद तुशायेव भी शामिल थे। हालाँकि, दोनों पक्षों की परस्पर विरोधी खबरों के बीच अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है।

ट्विटर ने वीडियो पर लगाया लेवल लेकिन हटाया नहीं

यूक्रेन के नेशनल गार्ड्स ने गोलियों पर सुअर की चर्बी लगाते हुए एक वीडियो अपलोड किया क्योंकि चेचन सैनिक मुसलमान हैं और सुअर को इस्लाम में हराम माना जाता है।

हालाँकि, ट्विटर के नियमों को खंगालने पर यह पता चलता है कि ऐसे मामले में ट्विटर का नियम क्या कहता है? पर इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए, एक टैग के साथ वीडियो को डिलीट नहीं किया गया है। इसके अपवाद क्या हैं। इस विषय में नियम बताते हैं। “हम कंटेंट को सार्वजनिक हित में मानते हैं यदि यह सीधे सार्वजनिक चिंता के मामले को समझने या चर्चा करने में योगदान देता है।”

“वर्तमान में, हम एक महत्वपूर्ण प्रकार की सार्वजनिक-हित सामग्री के अपवादों को एक सीमा तक ही लिमिट करते हैं। यदि वे निर्वाचित और सरकारी अधिकारियों के ट्वीट्स हों- जो उनके कार्यों और बयानों को जानने और चर्चा करने में सक्षम होने में महत्वपूर्ण के कारण पब्लिक इंटरेस्ट को देखते हुए यह जोड़ा गया है।

ऐसे में, ट्विटर, कई दुर्लभ मामलों में, किसी निर्वाचित या राज्य के व्यक्ति के ट्वीट को बनाए रखने का विकल्प चुन सकता है जिसे सामान्य रूप से हटा दिया जाना चाहिए। इसके बजाय, वे इसे एक सूचना देकर बचाव करते हैं। जो नियमों के उल्लंघन के बारे में विवरण प्रदान करती है और पाठकों को ऐसे ट्वीट के बारे में सूचित करती है।

इस मुद्दे पर ट्विटर के परस्पर विरोधी रुख को कई लोगों ने सवाल खड़े किए हैं।

नेशनल गार्ड की अज़ोव इकाई नाज़ी समर्थक है?

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि यूक्रेनी नेशनल गार्ड की अज़ोव बटालियन एक नव-नाज़ी इकाई है और वे अक्सर अपने नाज़ी झुकाव को खुले तौर पर दिखाते भी हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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