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अमेरिका के जिस ‘फर्स्ट रिपब्लिक बैंक’ को बचाने के लिए कई बैंकों ने किया निवेश, उसकी भी नैया डूबी: 2 महीने में US से आया तीसरा मामला

फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की बिक्री पूरी होने के बाद अब अमेरिका के 8 राज्यों में फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के 84 ऑफिस जेपी मॉर्गन चेस बैंक, नेशनल एसोसिएशन के नाम से जाने जाएँगे।

सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक के बाद अमेरिका का फर्स्ट रिपब्लिक बैंक भी डूब गया। इस बैंक को बचाने के लिए देश के कई बड़े बैंकों ने इसमें निवेश किया था। लेकिन इसके बाद भी इसे डूबने से बचाया नहीं जा सका। बैंक डूबने के बाद रेगुलेटर्स ने अपने नियंत्रण में ले लिया था। इसके बाद अब इस बैंक को जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी ने खरीद लिया।

अमेरिकी फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (FDIC) ने एक बयान जारी कहा है कि वह फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के खाताधारकों के पैसों की सुरक्षा के लिए इस बैंक की संपत्तियों को जेपी मॉर्गन चेस बैंक, नेशनल एसोसिएशन, कोलंबस और ओहियो को बेचा जा रहा है। इसमें सभी जमा राशि और काफी हद तक फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की सभी संपत्तियाँ शामिल है।

फर्स्ट रिपब्लिक बैंक की बिक्री पूरी होने के बाद अब अमेरिका के 8 राज्यों में फर्स्ट रिपब्लिक बैंक के 84 ऑफिस जेपी मॉर्गन चेस बैंक, नेशनल एसोसिएशन के नाम से जाने जाएँगे। बड़ी बात यह है कि फर्स्ट रिपब्लिक बैंक भले ही डूब गया लेकिन सोमवार (1 मई 2023) को बैंक फिर से खुलेगा। बस नाम बदला हुआ होगा। यही नहीं, इस बैंक के सभी खाताधारकों का पूरा पैसा सुरक्षित होगा। अमेरिकी रेगुलेटर्स का अनुमान है कि रिपब्लिक फर्स्ट बैंक के बीमा के को कवर करने के लिए उसे करीब 13 अरब डॉलर का भुगतान करना पड़ेगा।

बैंक डूबने का कारण

गौरतलब है कि फर्स्ट रिपब्लिक की हालत मार्च 2023 की शुरुआत से खराब होती जा रही थी। उसके शेयरों में लगातार गिरावट दर्ज हो रही थी। 2 मार्च 2023 को बैंक के शेयरों की कीमत 119.74 डॉलर थी। जो कि अब गिरकर महज 3.51 डॉलर रह गई है। शुरुआती गिरावट के बाद ही बैंक को डूबने से बचाने के लिए 16 मार्च को अमेरिका के 11 बड़े बैंकों ने फर्स्ट रिपब्लिक बैंक में में 30 बिलियन डॉलर यानि करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था। इसमें जेपी मॉर्गन और बैंक ऑफ अमेरिका समेत अन्य बैंक शामिल थे। हालाँकि इसके बाद भी बैंक को बचाया नहीं जा सका।

यही नहीं, इससे पहले गत सोमवार को फर्स्ट रिपब्लिक बैंक ने कहा था कि उसके ग्राहकों ने इस साल के शुरुआती तीन महीनों में ही 102 बिलियन डॉलर निकाल लिए हैं। 2022 के अंत में बैंक का डिपॉजिट 176 बिलियन डॉलर के करीब था। इसका मतलब यह था कि खाताधारकों ने आधे से अधिक पैसा निकाल लिया था। वहीं, बैंक ने इस दौरान 92 बिलियन डॉलर उधार भी लिए थे। यह सब मिलाकर बैंक के डूबने की बड़ी वजह बने।

2 महीने में डूब गए 3 बड़े बैंक

अमेरिका में आर्थिक मंदी जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। बीते 2 महीनों के भीतर 3 बड़े बैंको का डूबना इस बात का सबसे बड़ा संकेत है। फर्स्ट रिपब्लिक बैंक से पहले सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक भी डूब चुके हैं। इसमें सिलिकॉन वैली बैंक अमेरिका का सबसे बड़ा बैंक था। लेकिन शेयरों में आई भारी गिरावट के चलते बैंक डूब गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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