Sunday, August 1, 2021
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चीन की वुहान लैब में जिंदा चमगादड़ों को पिंजरे के अंदर कैद करके रखा जाता था: वीडियो से हुआ बड़ा खुलासा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आप देख सकते हैं कि वुहान लैब में चमगादड़ रखे गए थे। इस प्रकार वीडियो ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के उस दावे को भी खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चमगादड़ों को लैब में रखना और कोरोना के वुहान लैब से पैदा होने की बात करना महज एक 'साजिश' है।

दुनिया के कई देश खतरनाक कोरोना वायरस के पैदा होने की जगह चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को मानते हैं। इसी क्रम में स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया ने रविवार (13 जून 2021) को खुलासा किया कि नए सबूत सामने आए हैं, जो ये साबित करते हैं कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (Wuhan Institute of Virology) में जिंदा चमगादड़ों को पिंजड़े में कैद करके रखा गया था।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आप देख सकते हैं कि वुहान लैब में चमगादड़ रखे गए थे। इस प्रकार वीडियो ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के उस दावे को भी खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चमगादड़ों को लैब में रखना और कोरोना के वुहान लैब से पैदा होने की बात करना महज एक ‘साजिश’ है। ऑस्ट्रेलिया की पत्रकार शैरी मार्कसन ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर वीडियो शेयर कर यह जानकारी दी है।

चाइना अकादमी ऑफ साइंस के मई 2017 के 10 मिनट के आधिकारिक वीडियो में चमगादड़ों को पिंजड़े में कैद करके रखा हुआ दिखाया गया था। इस वीडियो को वुहान लैब में नए बॉयोसेफ्टी लेवल 4 के हिसाब से सुरक्षा शुरू होने पर जारी किया गया था। इसमें हादसा होने पर सुरक्षा मानकों को लेकर बताया गया था। साथ ही वीडियो में लैब के निर्माण को लेकर फ्रांसीसी सरकार के साथ विवाद के बारे में भी बताया गया था।

चमगादड़ों को कीड़े खिलाते हुए भी देखा गया

वीडियो में चीनी वैज्ञानिकों को चमगादड़ों को कीड़े खिलाते हुए भी देखा जा सकता है। इस 10 मिनट के वीडियो को पूरी तरह से वुहान लैब के निर्माण पर केंद्र‍ित किया गया है। इसमें कई वैज्ञानिकों के इंटरव्यू भी दिखाए गए हैं। इससे पहले डब्‍ल्‍यूएचओ (WHO) ने अपनी कोरोना की उत्‍पत्ति की जाँच रिपोर्ट में यह नहीं बताया था कि वुहान लैब में चमगादड़ों को रखा जाता था। जाँच रिपोर्ट में सिर्फ इतना ही कहा था कि वुहान लैब में पशुओं की विभिन्न प्रजातियों को उनके कमरे SARS-CoV-2 में संभाल कर रखा जाता था।

डब्‍ल्‍यूएचओ के एक विशेषज्ञ पीटर दास्‍जाक ने तो यहाँ तक कह दिया था कि वुहान लैब में चमगादड़ रखे जाने का दावा महज एक साजिश है। चाइना अकादमी ऑफ साइंस के इस वीडियो की खोज शोधकर्ताओं के एक ऐसे दल ने की है, जो खुद को DRASTIC बुलाते हैं। ये शोधकर्ता कोरोना वायरस के उत्‍पत्ति का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं। इससे पहले कई शोधकर्ताओं ने दावा किया था कि वुहान लैब में चमगादड़ रखे जाते हैं।

ऑस्ट्रेलियाई रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में कहा गया है कि लैब के निर्माण के दौरान उन्हें पर्दे के पीछे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह शुरू में फ्रांसीसी और चीनी सरकारों का एक संयुक्त उद्यम था, लेकिन यह उस तरह से आगे नहीं बढ़ा। उन्होंने (चीन) कहा, “इस परियोजना पर फ्रांस के साथ हमारा सहयोग हमारी विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और आपसी सहयोग के परिणामस्वरूप एक दशक से अधिक संघर्षों से गुजरा।”

लैब के पूरा होने के बाद फ्रांसीसी वैज्ञानिक और उन अधिकारियों को हटा दिया गया था, जिन्होंने इस तरह की लैब में चीन द्वारा किए जा रहे जैविक शोध पर फ्रांसीसी खुफिया जानकारी के बीच चिंता जताई। वीडियो में बैट लेडी शी झेंगली को भी दिखाया गया है। उसकी टोपी से एक चमगादड़ को लटका हुआ देखा गया। नरैटर ने कहा, “एक दशक से अधिक समय में शि झेंगली की शोध टीम ने चीन और अफ्रीका के कई देशों में 15000 से अधिक चमगादड़ों के नमूने एकत्र किए हैं, जो सार्स SARS की उत्पत्ति की खोज कर रहे हैं।”

हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डब्‍ल्‍यूएचओ के एक विशेषज्ञ पीटर दास्‍जाक के संगठन इकोहेल्थ एलायंस ने WIV में कोरोना वायरस की शोध के लिए फंड दिया था। एक अन्य ट्वीट में, डॉ दास्‍जाक ने कहा, “यह एक साजिश है। जिन लैब में मैंने 15 वर्षों अपना योगदान दिया, उनमें जिंदा या मरे हुए चमगादड़ नहीं पाए जाते हैं। कहीं भी ऐसा कोई सबूत नहीं है कि ऐसा हुआ है। यह एक गलती है, मुझे आशा है कि इसे ठीक किया जाएगा।”

दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस महीने अपना रुख बदला और स्वीकार किया कि वुहान लैब के अंदर चमगादड़ रखे होंगे। उन्होंने यह भी माना कि डब्ल्यूएचओ की टीम ने वुहान लैब से इसके बारे में नहीं पूछा। उन्होंने कहा, ”हमने उनसे यह नहीं पूछा कि क्या उनके पास चमगादड़ हैं। मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर, कई अन्य वायरोलॉजी लैब की तरह वे एक बैट कॉलोनी बनाने की कोशिश कर रहे थे। मुझे पता है कि यह यहाँ और अन्य देशों की लैब में हो रहा है।”

इस वीडियो की खोज शोधकर्ताओं ने की थी, जिसे DRASTIC के रूप में जाना जाता है। यह कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जाँच कर रहा था। ग्रुप के डिजिटल आर्काइविस्ट जेसी ने यह वीडियो देखा था। ग्रुप के कॉर्डिनेटर Billy Bostickson ने उन सबूतों के बारे में बात की थी, जो दिखाते हैं कि चमगादड़ वुहान लैब में रखे गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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