Saturday, June 12, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय कोरोना केस सामने आने से पहले ही 'वुहान लैब के शोधकर्ता पड़ गए थे...

कोरोना केस सामने आने से पहले ही ‘वुहान लैब के शोधकर्ता पड़ गए थे बीमार’, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के खुलासे से फिर घिरा चीन

खास बात ये है कि जनवरी, 2021 में ट्रम्प प्रशासन ने भी कहा था कि वुहान लैब के शोधकर्ता 2019 में सर्दियों से पहले बीमार हो गए थे

एक हालिया अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि चीन में कोरोना वायरस के पहले मामले की पुष्टि से हफ्तों पहले ही ‘वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’ के कई शोधकर्ता बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चीन ने कहा था कि वुहान में कोरोना का पहला मामला 8 दिसंबर 2020 को सामने आया था। लेकिन इस अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक वुहान लैब के तीन शोधकर्ता उससे पहले ही नवंबर 2019 में बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस रिपोर्ट से मिली जानकारी से कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर जारी बहस तेज हो सकती है।

हालाँकि, खुफिया विभाग को अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि हकीकत में शोधकर्ता किस कारण से बीमार हुए थे। नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर के निदेशक ने कहा, “खुफिया समुदाय को ठीक से पता नहीं है कि कोविड -19 वायरस कहाँ से कब या कैसे फैला था।”

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना महामारी का पता लगाने के लिए की जा रही जाँच में शीर्ष पर रही हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सदस्य को इस मामले में पिछले सप्ताह एक ब्रीफिंग मिली थी। कई वर्तमान और पूर्व खुफिया अधिकारी इस बात को मानते हैं कि कोरोना वायरस गलती से वुहान की लैब से निकला था। हालाँकि इसके पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।

ट्रंप ने भी किया था चीनी लैब में शोधकर्ताओं के बीमार पड़ने का दावा

खास बात यह है कि जनवरी, 2021 में ट्रम्प प्रशासन ने भी कहा था कि वुहान लैब के शोधकर्ता 2019 में सर्दियों से पहले बीमार हो गए थे। हालाँकि, उनके अस्पताल में भर्ती होने की बात नहीं कही गई थी। लेकिन, चीन इस तरह की किसी भी प्रकार की रिपोर्ट का विरोध करता रहा है। लेटेस्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना के लक्षणों वाला पहला मरीज 8 दिसंबर, 2019 को ही वुहान में रजिस्टर किया गया था।

ट्रम्प के प्रशासन के समाप्त होने से ठीक पहले, पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से वायरस के लीक होने की संभावना जताई थी।

एक फैक्ट शीट दिखाते हुए पोम्पिओ ने दावा किया था कि अमेरिका के पास वुहान लैब के शोधकर्ताओं के 2019 में कोरोना के लक्षणों के साथ बीमार पड़ने के पुख्ता सबूत थे और लैब में मिलिट्री रिसर्च के भी सबूत थे।

वुहान लैब के डायरेक्टर ने अमेरिकी रिपोर्ट का किया खंडन

चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में कर्मचारियों के बीमार होने की अमेरिकी रिपोर्ट का वुहान वायरोलॉजी लैब के डायरेक्टर ने युआन झिमिंग ने खंडन किया है। ग्लोबल टाइम्स को झिमिंग ने बताया, “मैंने इसे पढ़ा है, यह पूरी तरह से झूठा है।” युआन ने ग्लोबल टाइम्स को बताया, “वे दावे निराधार हैं। लैब को इस स्थिति के बारे में पता नहीं है कि 2019 की शरद ऋतु उसके रिसर्चर बीमार पड़े थे। मुझे यह भी नहीं पता कि ऐसी जानकारी कहाँ से आई है।”

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का निष्कर्ष

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले महीने SARS-CoV-2 वायरस की उत्पत्ति को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें इस बात को असंभव बताया गया था कि वायरस लैब में पैदा हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी एक और संभावना है कि यह वायरस जानवरों के तालाबों से फैला हो और उसके बाद इंसानों में इसका संक्रमण शुरू हुआ हो।

ध्यान देने वाली बात ये है कि चीन ने रॉ डेटा नहीं दिया था जिसे खुद डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने स्वीकार किया था। उन्होंने कहा था, “टीम के साथ मेरी चर्चा में, उन्होंने रॉ डेटा तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को व्यक्त किया। मुझे उम्मीद है कि भविष्य के सहयोगी अध्ययनों में समय पर और अधिक व्यापक डेटा साझाकरण शामिल होगा।”

हालाँकि, कम से कम 14 देशों ने WHO के अध्ययन की अवहेलना करते हुए कोरोना की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए निर्णायक तौर पर वैज्ञानिक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है।

वुहान लैब में सैन्य अनुसंधान

इससे पहले ऑप इंडिया ने ये खबर प्रकाशित की थी कि किस तरह से सरकार के इशारे पर चीन में 9 साल पहले नए वायरस को पैदा करने और उसकी जाँच करने और बीमारी फैलाने के लिए जिम्मेदार जीव विज्ञान के “डार्क मैटर” का खुलासा करने की योजना शुरू की गई थी।

चीन की इस परियोजना की अध्यक्षता पाँच नेताओं ने की थी, जिनमें एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी काओ वुचुन भी शामिल थे, जो जैव आतंकवाद पर सरकारी सलाहकार भी थे। वुचुन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मिलिट्री मेडिकल साइंस एकेडमी के रिसर्चर्स में से एक हैं। वह मिलिट्री साइंटिस्ट के साथ मिलकर काम करते थे। इसके अलावा वुचुन मिलिट्री बायोसेफ्टी विशेषज्ञ कमेटी के निदेशक भी हैं।

गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी सेना ने वैश्विक स्तक पर दबदबा कायम करने के लिए वैज्ञानिकों की भर्तियाँ की हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘शर्म आनी चाहिए 370 पर इतना बड़ा झूठ बोलते हुए…’: दिग्विजय सिंह को कश्मीरी एक्टिविस्ट डॉ अग्निशेखर ने लताड़ा

डॉ अग्रनिशेखर ने दिग्विजय सिंह की निंदा की। साथ ही अपनी व तमाम कश्मीरी पंडितों की ओर कॉन्ग्रेसी नेता के बयान का खंडन कर इसे बिलकुल गलत बताया।

‘राजस्थान में गहलोत सरकार करा रही पायलट खेमे के विधायकों की फोन टैपिंग और जासूसी’: MLA वेद प्रकाश सोलंकी

सोलंकी ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद विधायकों में दहशत है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ये सब ठीक नहीं है।

‘आग लगाओ आग’: मेवात में जुनैद की मौत के बाद भीड़ ने किया पुलिस पर हमला; लाठी-डंडे-पत्थर फेंकने के बाद लगाई आग

“मेवात में आज जुनैद के मौत के बाद पुलिस वालों को शांतिदूतों ने मारा पीटा थाने को आग के हवाले कर दिया पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा फोड़ा गया।”

‘किसान’ आंदोलन में गैंगरेप, बात दबाने के लिए शव यात्रा: 2 महिलाओं ने भी नहीं की पीड़िता की मदद

गैंगरेप की बात को लेकर 'किसान' आंदोलन में महिलाओं ने भी पीड़िता को धोखा दिया। उन्होंने पीड़िता की आपबीती का वीडियो बनाकर...

न जॉब रही, न कार्टून बिक रहे… अब PM मोदी को कोस रहे: ट्विटर के मेल के सहारे वामपंथी मीडिया का प्रपंच

मंजुल के सहयोगी ने बताया कि मंजुल अपने इस गलत फैसले के लिए बाहरी कारणों को दोष दे रहे हैं और आशा है कि जो पब्लिसिटी उन्हें मिली है उससे अब वो ज्यादा पैसे कमा रहे होंगे।

UP के ‘ऑपरेशन’ क्लीन में अतीक गैंग की ₹46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 1 साल में ₹2000 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई

पिछले 1 हफ्ते में अतीक गैंग के सदस्यों की 46 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई और अब आगे 22 सदस्य ऐसे हैं जिनकी कुंडली प्रयागराज पुलिस लगातार खंगाल रही है।

प्रचलित ख़बरें

सस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर: दूसरों के अकाउंट करवाते थे सस्पेंड

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वो उस गड्ढे में खुद गिरता है। सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath के साथ यही हुआ।

सुशांत ड्रग एडिक्ट था, सुसाइड से मोदी सरकार ने बॉलीवुड को ठिकाने लगाया: आतिश तासीर की नई स्क्रिप्ट, ‘खान’ के घटते स्टारडम पर भी...

बॉलीवुड के तीनों खान-सलमान, शाहरुख और आमिर के पतन के पीछे कौन? मोदी सरकार। लेख लिखकर बताया गया है।

‘तुम्हारी लड़कियों को फँसा कर रोज… ‘: ‘भीम आर्मी’ के कार्यकर्ता का ऑडियो वायरल, पंडितों-ठाकुरों को मारने का दावा

'भीम आर्मी' के दीपू कुमार ने कहा कि उसने कई ब्राह्मण और राजपूत लड़कियों का बलात्कार किया है और पंडितों और ठाकुरों को मौत के घाट उतारा है।

नुसरत जहाँ की बेबी बंप की तस्वीर आई सामने, यश दासगुप्ता के साथ रोमांटिक फोटो भी वायरल

नुसरत जहाँ की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनकी बेबी बंप साफ दिख रहा है। उनके पति निखिल जैन पहले ही कह चुके हैं कि यह उनका बच्चा नहीं है।

‘भाईजान’ के साथ निकाह से इनकार, बॉयफ्रेंड संग रहना चाहती थी समन अब्बास, अब खेत में दफन? – चचेरा भाई गिरफ्तार

तथाकथित ऑनर किलिंग में समन अब्बास के परिवार वालों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को खेत में दफन कर दिया?

11 साल से रहमान से साथ रह रही थी गायब हुई लड़की, परिवार या आस-पड़ोस में किसी को भनक तक नहीं: केरल की घटना

रहमान ने कुछ ऐसा तिकड़म आजमाया कि सजीथा को पूरे 11 साल घर में भी रख लिया और परिवार या आस-पड़ोस तक में भी किसी को भनक तक न लगी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
103,396FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe